राज्य
12-Mar-2026
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* मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने किया उद्घाटन, विज्ञान पर्यटन और शिक्षा को मिलेगा नया आयाम अहमदाबाद (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को साबरकांठा जिले के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण के साथ ही जिले के सलाल गांव में ट्रॉपिक ऑफ कैंसर (कर्क रेखा) साइंस पार्क का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा और कई विधायक मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्रॉपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क का जायजा लिया और पार्क के भौगोलिक एवं खगोलीय महत्व के बारे में जानकारी हासिल कर विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उल्लेखनीय है कि गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन कार्यरत गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (गुजकोस्ट) ने कर्क रेखा के वैज्ञानिक महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने, समझ विकसित करने और विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं शोध बिंदु के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ट्रॉपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क बनाया है। साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर हाईवे पर सलाल गांव में जहां से कर्क रेखा गुजरती है, वहां ट्रॉपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क को 8 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 5,930 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है। इस पार्क को कर्क रेखा के भौगोलिक और खगोलीय महत्व को प्रकाशित करने और आगंतुकों को पृथ्वी-सूर्य संबंधों, मौसमी बदलावों और संबंधित वैज्ञानिक घटनाओं को समझने का आकर्षक अवसर प्रदान करने के लिए किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर स्थित होने के कारण ट्रॉपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क सभी आगंतुकों के लिए वैज्ञानिक शिक्षा और विज्ञान पर्यटन के केंद्र के रूप में सेवा देगाएं। गुजकोस्ट ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों के छात्रों को इस पार्क को देखने का आमंत्रण दिया है। साइंस पार्क कल यानी गुरुवार से सुबह 9.00 से शाम 6.00 बजे तक सभी आगंतुकों के लिए खुला रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित अन्य महानुभावों ने ट्रॉपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क के प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती, साबरकांठा के कलेक्टर ललित नारायणसिंह सांदू, जिला विकास अधिकारी और विज्ञान एवं पौद्योगिकी विभाग तथा गुजकोस्ट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सतीश/12 मार्च