* रूमला गांव के मारुति मंथन प्राकृतिक फार्म का दौरा, हल्दी प्रसंस्करण देखा और किसानों को प्राकृतिक खेती के पाँच आयाम समझाए नवसारी (ईएमएस)| जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने प्रवास के दूसरे दिन सुबह रूमला गांव स्थित मारुति मंथन प्राकृतिक फार्म का दौरा किया। प्राकृतिक खेती के प्रबल समर्थक राज्यपाल ने यहां केवल औपचारिक निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि स्वयं गाय का दुहन भी किया और बताया कि पशुओं के उचित आहार से दूध उत्पादन कैसे बढ़ाया जा सकता है। फार्म पर उन्होंने खेत में उगाई गई हल्दी की फसल का अवलोकन किया और यह जाना कि किस प्रकार उसका मूल्यवर्धन कर बाजार में बिक्री की जाती है। फार्म के मालिक और प्रगतिशील किसान बिपिन उकाभाई पटेल से उन्होंने हल्दी प्रसंस्करण की जानकारी ली तथा मशीन के माध्यम से हल्दी काटने और पीसने का अनुभव भी प्राप्त किया। राज्यपाल ने आम के बाग में लगे कलमी पौधों पर आई फसल का सूक्ष्म निरीक्षण किया और प्राकृतिक पद्धति से तैयार ‘अस्त्र’ के स्प्रे से छिड़काव भी किया। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि गुड़ या गन्ने के रस में दूध मिलाकर स्प्रे करने से मधुमक्खियां आकर्षित होती हैं, जिससे फूलों की संख्या बढ़ती है। साथ ही उन्होंने यह भी मार्गदर्शन दिया कि आम में मंजर आने के समय सिंचाई नहीं करनी चाहिए। प्रगतिशील किसान बिपिन पटेल द्वारा अपनाई गई रसायन-मुक्त प्राकृतिक खेती पद्धति देखकर राज्यपाल ने संतोष व्यक्त किया। खेत में खाट पर सादगीपूर्ण वातावरण में बैठकर उन्होंने किसानों से सीधा संवाद भी किया। इस अवसर पर किसान बिपिन पटेल ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और राज्यपाल का उनके खेत पर आगमन उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी किसानों को जहरीली खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि बिपिन पटेल ने अमेरिका का ग्रीन कार्ड छोड़कर देश की मिट्टी और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाया है। उनके खेत की मिट्टी आज सोने जैसी उपजाऊ बन गई है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के पाँच आयाम—जीवामृत, बीजामृत, आच्छादन, वपसा और मिश्रित फसल—के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि का ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है। राज्यपाल ने विभिन्न जिलों के प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियां सुनाकर किसानों को प्रेरित किया और कहा कि शिक्षित लोगों को भी प्राकृतिक खेती की ओर आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज कोई भी व्यक्ति कैंसर जैसी घातक बीमारियों से ग्रस्त नहीं होना चाहता, इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए प्राकृतिक खेती आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक खेती को राष्ट्रीय मिशन बनाया है। इससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और “विकसित भारत 2047” का सपना साकार होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष परेश देसाई, जिला कलेक्टर क्षिप्रा आग्रे, जिला विकास अधिकारी पुष्पलता, जिला पुलिस अधीक्षक राहुल पटेल, जिला पंचायत निर्माण समिति के अध्यक्ष बालु पाडवी, रूमला गांव की सरपंच एकता पवार, जिला कृषि अधिकारी अतुल गजेरा और आत्मा प्रोजेक्ट के निदेशक सतीश ढिम्मर सहित कई अधिकारी और किसान उपस्थित रहे। सतीश/12 मार्च