सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034 पर बंद, निफ्टी भी 228 अंक टूटा; ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में बिकवाली रही निवेशकों के 10 लाख करोड़ खाक! नई दिल्ली(ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 829.29 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 227.70 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639.15 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली के कारण निवेशकों की संपत्ति में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल का 100 डॉलर के करीब पहुंचना, विदेशी निवेशकों की बंपर निकासी और ग्लोबल टेंशन बड़े कारण रहे, जिन्होंने पल भर में निवेशकों के करोड़ों रुपये डुबो दिए। गुरुवार को बाजार खुलते ही ऐसा दबाव बना कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों औंधे मुंह गिर पड़े। आम निवेशक जो अपनी गाढ़ी कमाई बाजार में लगाकर मुनाफे की उम्मीद कर रहे थे, उनके पोर्टफोलियो को तगड़ा झटका लगा है। दिनभर के भारी उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 829 अंक टूटकर 76,034 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 227 अंक फिसलकर 23,639 पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लगभग 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस तेज बिकवाली के कारण निवेशकों की संपत्ति में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 450 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 440 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस उठापटक के पीछे केवल एक वजह नहीं है, बल्कि दुनिया भर से आ रही कई नकारात्मक खबरों ने मिलकर भारतीय बाजार का मूड बुरी तरह बिगाड़ दिया है। रुपये की ऐतिहासिक गिरावट कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा प्रहार हमारी मुद्रा पर पड़ा है। गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 30 पैसे की कमजोरी के साथ 92.34 के स्तर पर पहुंच गया, जो इसके ऑलटाइम लो (ऐतिहासिक निचले स्तर) के बेहद करीब है। कमजोर रुपया आम आदमी और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चिंता का सबब है, क्योंकि इससे आयात बिल बढ़ता है और चालू खाते का घाटा बढऩे का खतरा रहता है। विनोद उपाध्याय / 12 मार्च, 2026