नई दिल्ली (ईएमएस)। लग्जरी कार निर्मता मर्सिडीज-बेंज कंपनी पर दक्षिण कोरिया में तगडा जुर्माना ठोका है। कंपनी पर देश के प्रतिस्पर्धा नियामक कोरिया फेयर ट्रेड कमिशन (केएफटीसी) ने लगभग 7.6 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि कंपनी ने अपनी कुछ इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल की गई बैटरी के सप्लायर को लेकर ग्राहकों को सही जानकारी नहीं दी थी। इस बारे में कंपनी ने कहा है कि वह नियामक के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन उसके निष्कर्षों से सहमत नहीं है और इसे कानूनी तौर पर चुनौती देने पर विचार कर रही है। जांच के मुताबिक मर्सिडीज-बेंज कोरिया ने अपनी कुछ इलेक्ट्रिक गाड़ियों में यह दावा किया था कि उनमें बैटरी दुनिया की प्रमुख ईवी बैटरी निर्माता सीएटीएल की लगी है। हालांकि बाद में पता चला कि कई कारों में बैटरी सेल फ्रांसिस इनर्जी के इस्तेमाल किए गए थे, जो अपेक्षाकृत कम जानी-पहचानी कंपनी है। इस मामले में कंपनी की प्रीमियम इलेक्ट्रिक सेडान मर्सडीज-बेंज ईक्यूई और मर्सिडीज-बेंज इक्यूएस जैसे मॉडल शामिल बताए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने अपने डीलर्स को दिए गए इंटरनल सेल्स दस्तावेजों में केवल सीएटीएल बैटरी की खूबियों का जिक्र किया था, जबकि फारासिस बैटरी का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इसके कारण कई डीलर्स भी ग्राहकों को यही बताते रहे कि कारों में सीएटीएल बैटरी लगी है। यह मामला अगस्त 2024 में तब सामने आया जब दक्षिण कोरिया के इंचियोन शहर में एक पार्क की गई ईक्यूई इलेक्ट्रिक कार में बैटरी में आग लग गई। यह कार एक अपार्टमेंट के अंडरग्राउंड पार्किंग एरिया में खड़ी थी और आग की वजह से आसपास खड़ी 100 से ज्यादा गाड़ियां जलकर नष्ट हो गईं। रेगुलेटर के अनुसार जून 2023 से अगस्त 2024 के बीच मर्सिडीज-बेंज कोरिया ने लगभग 3,000 ऐसी कारें बेचीं जिनमें फारासिस बैटरी लगी थी। इन गाड़ियों की कुल बिक्री करीब 281 अरब वॉन बताई गई है। कं सुदामा/ईएमएस 13 मार्च 2026