राज्य
12-Mar-2026


:: विभाग की चेतावनी, उल्लंघन करने पर हो सकती है जेल और जुर्माना :: इंदौर (ईएमएस)। श्रम विभाग ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने और श्रमिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भवन एवं अन्य संनिर्माण कार्य शुरू करने से पहले इसकी सूचना देना नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य है। ऐसा न करने पर नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम 1996 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से कम से कम 30 दिन पूर्व संबंधित क्षेत्र के निरीक्षक को स्थल, सुरक्षा उपायों और अन्य आवश्यक जानकारी देना अनिवार्य है। नियोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रम सेवा पोर्टल मोबाइल ऐप पर अपने निर्माण स्थल का पंजीयन करें और वहां काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या, स्थान व सुरक्षा अधिकारियों की उपस्थिति जैसी जानकारी साझा करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई नियोजक निर्माण कार्य प्रारंभ करने की सूचना नहीं देता है, तो इसे अधिनियम की धारा 46 के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। इस स्थिति में नियोक्ता को तीन महीने तक की कारावास की सजा, दो हजार रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य निर्माण स्थलों को श्रमिकों के लिए सुरक्षित बनाना है। निर्माण कार्यों की जानकारी देने के लिए नियोजक एमपीबीओसीडब्ल्यू के ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं या जिला श्रम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आम नागरिक भी यदि अपने आसपास किसी अवैध या अपंजीकृत निर्माण कार्य को देखते हैं, तो वे टोल फ्री कंट्रोल रूम नंबर 18002338888 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या जानकारी दे सकते हैं। प्रकाश/12 मार्च 2025