वाशिंगटन(ईएमएस)। घपले घोटाले पूरी दुनिया में है। अमेरिका भी अछूता नहीं है। एक रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। जंग के लिए बनाई जा रही रणनीतियों के बीच पेंटागन के अधिकारियों ने जमकर गुलछर्रे उड़ाए। इसके लिए 93.4 अरब डॉलर की दावतें की गई जिसमें में से एक लाख डॉलर के केकड़े और मछली खा गए।वित्तीय वर्ष 2025 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, पेंटागन ने केवल सितंबर महीने में ही लगभग 93.4 अरब डॉलर खर्च कर डाले। मीडिया रिपोर्ट और सरकारी निगरानी संस्था ओपन द बुक्स की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस समय वेनेजुएला और ईरान पर हमलों की रणनीति बन रही थी, उस दौरान पेंटागन में महंगे सी-फूड और खान-पान पर लाखों डॉलर खर्च किए जा रहे थे। आंकड़ों के अनुसार, केवल एक महीने में 69 लाख डॉलर लॉब्स्टर टेल पर, 20 लाख डॉलर अलास्कन किंग क्रैब पर और 151 लाख डॉलर रिबआई स्टेक पर खर्च किए गए। इसके अलावा, करीब 1.24 लाख डॉलर केवल आइसक्रीम मशीनों की खरीद पर व्यय हुए। पेंटागन की यह फिजूलखर्ची यहीं नहीं रुकी। रिपोर्ट में बताया गया है कि एयरफोर्स चीफ के आवास के लिए लगभग 98 हजार डॉलर का स्टीनवे एंड सन्स ग्रैंड पियानो खरीदा गया। साथ ही, तकनीक के नाम पर 53 लाख डॉलर के एप्पल डिवाइस और लेटेस्ट आईपैड खरीदे गए। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा फर्नीचर का है, जहाँ पेंटागन ने करीब 22.5 करोड़ डॉलर की महंगी कुर्सियां और यहाँ तक कि 12,540 डॉलर के फ्रूट बास्केट स्टैंड तक खरीद डाले। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अंधाधुंध खर्च के पीछे अमेरिकी बजट प्रणाली का ‘यूज़ इट ऑर लूज़ इट’नियम है। इसके तहत यदि कोई विभाग 30 सितंबर तक अपना आवंटित बजट खर्च नहीं करता, तो अगले साल उसके बजट में कटौती कर दी जाती है। इसी कारण वित्तीय वर्ष के अंत में विभाग बिना सोचे-समझे खरीदारी करते हैं। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब अमेरिका दोहरे युद्ध के मोर्चे पर है। हाल ही में वेनेजुएला में सैन्य अभियान और ईरान के खिलाफ युद्ध के शुरुआती दो दिनों में ही अमेरिकी सेना 5.6 अरब डॉलर के हथियार इस्तेमाल कर चुकी है। आलोचकों का कहना है कि एक तरफ आम अमेरिकी नागरिक महंगाई और युद्ध के आर्थिक बोझ से दब रहा है, वहीं रक्षा विभाग विलासिता में डूबा है। फिलहाल, इन खुलासों के बाद पेंटागन से जवाबदेही और विस्तृत जांच की मांग तेज हो गई है। वीरेंद्र/ईएमएस 13 मार्च 2026