ज़रा हटके
13-Mar-2026
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वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब कौन सा बयान दे रहे हैं उन्हे खुद पता नहीं होता है। उनकी इस आदत के चलते दुनिया में लोग उनकी बात पर कम ही भरोसा करते हैं। कभी कहते हैं ईरान में ऐसी कोई जगह नहीं बची जहां हमला किया जा सके। इसलिए ये जंग जल्द ही खत्म हो जाएगी। कभी कहते हैं ये लड़ाई लंबी चलेगी। ऐसे में सच क्या ये शायद ट्रंप को भी मामूल नहीं होगा। एक बार फिर ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध जारी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लेकर ट्रंप ने अब बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना अपना काम पूरा किए बिना पीछे नहीं हटेगी। केंटकी के हेब्रोन में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने समर्थकों से सीधा सवाल किया, हम जल्दी बाहर नहीं निकलना चाहते, है ना? हमें इस काम को अंजाम तक पहुँचाना ही होगा। राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरानी नौसेना की सामरिक क्षमता को भारी नुकसान पहुँचाया है। ट्रंप के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों और तेल की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी सेना ने उन 58 ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है जो समुद्र में बाधाएं उत्पन्न कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, समुद्र में जहाजों को उड़ाने के उद्देश्य से बिछाई जा रही 31 माइन-लेयर (बारूदी सुरंग बिछाने वाली) नौकाओं को भी पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। ट्रंप ने इस बात का भी संकेत दिया कि इन अभियानों में एक विशेष श्रेणी के हथियारों का उपयोग किया गया है, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर समुद्र के रास्ते होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए किया जाता है। युद्ध की यह आग अब ईरान की सीमाओं से निकलकर उसके सहयोगी देशों तक फैल चुकी है। इजरायली सेना (आईडीएफ) ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहिया इलाके में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान समर्थित समूहों द्वारा किए जा रहे हमलों का मुंहतोड़ जवाब है। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने भी एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर ईरान को खाड़ी देशों पर हमले तुरंत रोकने की कड़ी चेतावनी दी है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 13 देशों ने मतदान किया, जबकि दो देशों ने मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी। समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। इराक के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में एक विदेशी तेल टैंकर पर हमले की ताजा खबर आई है। हालांकि, इराकी अधिकारियों ने टैंकर के चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि ऊर्जा परिवहन का यह वैश्विक मार्ग अभी भी गंभीर खतरे में है। ट्रंप के बयानों में आए विरोधाभास जहाँ एक ओर वह कहते हैं कि अब कुछ नष्ट करने को बचा नहीं है और दूसरी ओर युद्ध जारी रखने की बात करते हैं ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। रक्षा सचिव के बयानों और ट्रंप की नई चेतावनी से संकेत मिल रहे हैं कि यह सैन्य संघर्ष फिलहाल थमने वाला नहीं है। वीरेंद्र/ईएमएस 13 मार्च 2026