अहमदाबाद (ईएमएस)| दिव्यांगजन अपने रोजमर्रा के कामकाज सरलता से कर सकें तथा उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवागमन में सुगमता रहे; ऐसे दिव्यांग हित दृष्टिकोण के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए मोटराइज्ड ट्राइसिकल एवं जॉयस्टिक व्हीलचेयर देने की योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को गांधीनगर में पहली बार राज्य के 34 जिलों के 4000 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसिकल तथा 1676 दिव्यांगजनों को जॉयस्टिक व्हीलचेयर सहित कुल 36.7 करोड़ रुपए की साधन सहायता का सांकेतिक रूप से वितरण किया। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा गत वर्ष 2025-26 के बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। तद्अनुसार; इस साधन सहायता का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने गांधीनगर में लगभग 40 दिव्यांगजनों को इन मोटराइज्ड ट्राइसिकल तथा जॉयस्टिक व्हीलचेयर का सांकेतिक रूप से वितरण किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा, राज्य मंत्री डॉ. मनीषाबेन वकील तथा मुख्य सचिव एम. के. दास भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दिव्यांग लाभार्थियों के साथ भावपूर्ण संवाद कर उनके जीवन में इस साधन सहायता से आने वाले परिवर्तन तथा सुगमता के बारे में बातचीत की। यह योजना कार्यरत होने से पहले दिव्यांग साधन सहायता योजनांतर्गत हाथ से चलाई जा सकने वाली सादी ट्राइसिकल तथा व्हीलचेयर दी जाती थी। इसके कारण दिव्यांगजनों को अधिक शारीरिक श्रम करना पड़ता था तथा दूर तक आने-जाने में भी काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा दिव्यांगजनों की इस वेदना को समझकर उन्हें उससे मुक्ति दिलाने के लिए किए गए संवेदनशील निर्णय के फलस्वरूप दिव्यांग लाभार्थियों को अब मोटराइज्ड ट्राइसिकल तथा जॉयस्टिक व्हीलचेयर दी जाएंगी। दिव्यांग लाभार्थियों को ये नए साधन मिलने से ट्राइसिकल तथा व्हीलचेयर को हाथ से चलाने से मुक्ति मिलेगी और उनकी रोजमर्रा की दैनिक क्रिया में और उनके कार्यस्थल पर पहुँचने में बहुत ही आसानी होगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दिव्यांगजनों की सुगमता के लिए एक और संवेदनशील निर्णय लेकर इस वर्ष 2026-27 से जॉयस्टिक व्हीलचेयर देने की योजना में भी सहायता का मानदंड बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए हैं। लोकोमोटर डिसेबिलिटी, सेरेब्रल पाल्सी तथा मस्कुलर डिस्ट्रॉफी मल्टीपल डिसेबिलिटी प्रकार की दिव्यांगता वाले लाभार्थियों को आवागमन में सुगमता रहे और यात्रा के दौरान वे जॉयस्टिक व्हीलचेयर अपने साथ रख सकें; इस उद्देश्य से सादी जॉयस्टिक व्हीलचेयर के स्थान पर अब फोल्डिंग जॉयस्टिक व्हीलचेयर देने के लिए सहायता राशि में वृद्धि कर 1.10 लाख रुपए की गई है। इतना ही नहीं; मुख्यमंत्री ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी प्रकार की दिव्यांगता वाले लाभार्थी के लिए सहायता लाभ प्राप्ति की पात्रता आयु सीमा 18 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने का भी निर्णय किया है। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को लाभार्थी सहायता के लिए सेचुरेशन एप्रोच अपनाकर एक भी जरूरतमंद दिव्यांग लाभार्थी राज्य सरकार की साधन सहायता से वंचित न रहे; इसके लिए भी निर्देश दिए हैं। दिव्यांगजनों के लिए ये सहायक साधन भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) द्वारा बनाए गए हैं। गांधीनगर में इस साधन सहायता वितरण अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव डॉ. हर्षद पटेल, समाज सुरक्षा निदेशक विक्रम जादव, वरिष्ठ अधिकारी तथा दिव्यांग लाभार्थी व उनके परिजन उपस्थित रहे। सतीश/13 मार्च