राज्य
13-Mar-2026


- पुलिस के पहरे में बंटेगी रसोई गैस, सुरक्षा को लेकर कलेक्टरों को निर्देश भोपाल (ईएमएस)। युद्ध के चलते उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने एलपीजी आपूर्ति की निगरानी शुरू कर दी है। दो दिन पहले सरकार ने गैस के वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से रोक दी है। जिसके चलते शैक्षणिक और चिकित्सीय संस्थाओं में भी गैस का संकट गहरा गया था। कुछ संस्थाओं में भोजन नहीं बनने जैसी शिकायतें भी सरकार तक पहुंची। इस बीच राज्य सरकार ने गुरुवार को वाणिज्यिक एलपीजी गैस उपयोग के लिए शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सकीय संस्थान को छूट दे दी है। मप्र के आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने बताया है कि एलपीजी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने के लिए जिलों को निर्देश दिये गये हैं। जिलों द्वारा इस क्षेत्र में लगातार कार्यवाही की जा रही है। एलपीजी के वैकल्पिक साधनों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही ऐसी गतिविधियों, जिनमें एलपीजी का अधिक उपयोग होता है, उन्हें नियंत्रित करने पर भी जोर दिया गया है। शर्मा ने वाणिज्यिक एलपीजी गैस उपयोग के लिए शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सकीय संस्थान को छूट दी गई है, जो जारी रहेगी, जिससे शैक्षणिक गतिविधि एवं चिकित्सकीय व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रह सके। सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी की सुचारू रूप से वितरण हो रहा है। राजधानी में होटल, मॉल, उद्योगों को गैस सप्लाई पर रोक केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों ने एलपीजी गैस की आपूर्ति सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को की जा रही है। इस बीच ऑयल कंपनियों ने शैक्षणिक एवं चिकित्सीय संस्थाओं को भी एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था शुरू की है। जबकि होटल, मॉल और उद्योगों को एलपीजी की आपूर्ति नहीं होगी। एलपीजी आपूर्ति के लिए जिलाधीश भोपाल ने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की तैनाती कर दी है। राजधानी में शुक्रवार को रसोई गैस आपूर्ति की सख्ती निगरानी होगी। भंडारण की सूचना पर प्रशासन एवं पुलिस की टीमें छापामार कार्रवाई भी कर सकेंगी। इस संबंध में जिलाधीश भोपाल ने आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही बुकिंग और आपूर्ति पर भी नजर रखी जाएगी। गैस के अंतरण के मामले में भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। विनोद / 13 मार्च 26