राज्य
13-Mar-2026


- एक साथ थमाए जा रहे हैं हजारों के रूपये के बिल - फिर स्मार्ट मीटर लगाने बनाते हैं दबाव और मना करने पर काट देते हैं बिजली भोपाल (ईएमएस)। बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ दादागीरी पर उतारू हैं। स्मार्ट मीटर लगाने जहां हजारों के मनमाने बिल थमाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी दुरूस्त कराने पहुंचे लोगों को स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं उपभोक्ता के इंकार करने पर कनेक्शन काटकर परेशान करने से बाज नहंी आ रहे हैं। दरअसल सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का है। उद्देश्य यह भी है कि बिजली बिलिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। बावजूद इसके इनमें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों द्वारा अपनाए जा रहे तरीके लोगों की परेशानी का कारण बन गये हैं। इससे न केवल भारी भरकम बिल बर्दाश्त करना पड़ रहा है बल्कि, अधिकारियों की दादागीरी से भी दो-चार होना पड़ रहा है। जिसमें बिल जमा होने के बाद भी कनेक्शन काट कर अंधेरे में रहने के लिये मजबूर करना भी शामिल है। समय पर रीडिग़ नहीं, एक साथ भेज रहे 4 माह का बिल उपभोक्ताओं का आरोप है कि जिन घरों में पहले से मीटर लगे हैं, उन्हें बदलने के लिये बिजली कंपनी के कर्मचारी महीनों रीडिंग के लिये नहीं पहुंचते हैं। इसके बाद यूनिट के आधार पर 4-4 माह के एवरेज बिल थमा दिये जाते हैं। इसके बाद ना तो बिल में रियायत दी जाती है और न ही अधिकारी शिकायत पर किसी तरह की सुनवाई ही करते है। जबकि मीटर सही रीडिंग देते हुए काम कर रहे हैं। अशोका गार्डन क्षेत्र से जुड़े ऐसे ही मामले में औद्योगिक क्षेत्र कार्यालय अधीक्षण यंत्री धानेंद्र तिवारी ने इसके पीछे तर्क दिया है कि पुराने मीटर धीमी रफ्तार से चलते हैं और सही बिल नहीं देते हैं। विरोध पर मनमानी पड़ रही भारी बिजली कंपनियों के जबरिया रूख के खिलाफ लोग सडक़ पर उतर रहे हैं। मप्र बिजली उपभोक्ता ऐसोसियेशन इसके लिये जन जागरूकता के कार्यक्रम भी कर रहा है। बावजूद इसके कंपनियों की मनमानी रूकने का नाम नहीं ले रही है। संगठन के विनोद लोगरिया का कहना है कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रिव्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतगर्त कार्रवाई की जा रही है। जबकि विद्युत संशोधन विधेयक 2023 को सरकार मंजूर भी नहीं करा पाई है। इसके बाद भी षडयंत्र के तहत जनता को स्मार्ट मीटर के नाम पर परेशान करने के लिये मजबूर किया जाता है। विनोद / 13 मार्च 26