- नीति आयोग की फिस्कल हेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े भोपाल (ईएमएस)। नीति आयोग द्वारा जारी दूसरी वार्षिक फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश ने 2021-22 से लगातार राजस्व अधिशेष बनाए रखा है। पिछले पांच वर्षों में राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों में 58.5 प्रतिशत और कर राजस्व में 62.52 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह सुधार मुख्य रूप से जीएसटी, आबकारी और व्यापार करों की प्रभावी वसूली से संभव हुआ है। वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों में 58.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में राज्य के कर राजस्व में 62.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें स्टेट जीएसटी, व्यापार एवं बिक्री कर तथा राज्य आबकारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। राज्य सरकार ने पूंजीगत व्यय पर लगातार ध्यान बनाए रखा है, जो पिछले 5 वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के निर्माण और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। देवड़ा के मुताबिक सडक़ों, स्कूलों व सिंचाई परियोजनाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है। 2023-24 में पूंजीगत व्यय 57,348 करोड़ था, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों में 30 प्रतिशत बढकऱ 74,662 करोड़ तक पहुंच गया है। कर्ज-पेंशन बोझ से चिंता रिपोर्ट राज्य की अर्थव्यवस्था के दो पहलुओं को उजागर करती है। सकारात्मक पक्ष यह है कि प्रदेश ने लगातार रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति बनाए रखी है, जो 2023-24 में बढकऱ 12,488 करोड़ रुपए हो गया है। सरकार ने विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए कैपिटल आउटले में भारी निवेश किया है, जो पिछले पांच वर्षों में 29,812 करोड़ से बढकऱ 56,539 करोड़ तक पहुंच गया है। विनोद / 13 मार्च 26