गैर जिम्मेदाराना मामले में शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिएः मोर्चा विकासनगर (ईएमएस)। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इनकी लापरवाही की वजह से प्रदेश में पांच सालों में 826 प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं तथा सैकड़ो स्कूल बंदी के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि इस गैर जिम्मेदाराना मामले में शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री डा. धनसिंह रावत की अदूरदर्शिता एवं उदासीनता की वजह से गरीब अभिभावकों को अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने हेतु प्राइवेट विद्यालय में दाखिला दिलाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब अभिभावक इतना लाचार हो चुका है कि अपना पेट काटकर कर्ज,उधारी लेकर अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों में पढाने को मजबूर है। नेगी ने कहा है कि इन गरीब अभिभावकों की चिंता कौन करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस बात का भी जवाब देना होगा कि आखिर किन कारणों से विद्यालय बंद हो रहे हैं, इस संबंध में क्या कभी इन्होंने विभागीय स्तर पर कोई कार्यशाला आयोजित की। कभी आमजन से संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री बताएं कि इस दिशा में उनके द्वारा क्या प्रयास किए गए! आखिर अभिभावक इन सरकारी विद्यालयों से क्यों दूरी बना रहे हैं। नेगी ने कहा है कि क्यों विद्यालय लगातार विद्यालय बंद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं प्राइवेट विद्यालयों को फायदा पहुंचाने के लिए तो यह साजिश नहीं रची जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत के पास जितने भी विभाग हैं, उन सभी विभागों में यह जनता को न्याय दिलाने में विफल हो चुके हैं। आखिर प्रदेश को ऐसे लापरवाह मंत्री की जरूरत ही क्या है। इस अवसर पर मोर्चा लोकभवन व सरकार दोनों से मांग करता है कि हर मोर्चे पर विफल हो चुके गैर जिम्मेदार मंत्री को बाहर का रास्ता दिखाएं। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में विजय राम शर्मा व दिलबाग सिंह मौजूद रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/13 मार्च 2026