5113 प्रकरणों का निराकरण, समझौता राशि 12,80,53,337 रूपये हुई जमा वर्ष प्रथम नेशनल लोक अदालत की अभूतपूर्व सफलता, लंबित प्रकरणों के निराकरण में नया कीर्तिमान हुआ स्थापित सीहोर (ईएमएस)। जिला न्यायालय परिसर सहित जिले की सभी तहसील स्तरीय स्तरीय खंडपीठों पर नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। जिला न्यायालय परिसर में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री प्रकाश चंद्र आर्य ने नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस बार नेशनल लोक अदालत में 1458 लंबित प्रकरणों के निराकरण के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। इस बार नेशनल लोक अदालत ने प्रथम बार राजीनामा योग्य ट्राफिक चालान रखे गए और निराकरण किया गया है। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री आर्य ने कहा कि यह लोक अदालत पक्षकारों के लिए एक वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इसमें पक्षकारों को हर प्रकार से जीत प्राप्त होती है। लोक अदालत की सबसे सुंदर बात है कि यहां कोई हारता नहीं है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने नेशनल लोक अदालत की रूपरेखा की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में बैंक, नगर पालिका और विद्युत विभाग सहित सभी विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और नागरिकों की समस्याएं सुनकर त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में युवा पंजीकृत अधिवक्ताओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 10 अधिवक्ताओं को एनजीओ के माध्यम से कोट वितरण किया गया। लीगल एड डिफेंस काउंसिल को बेजेस प्रदान किये गये। 5113 प्रकरणों का निराकरण, समझौता राशि 12,80,53,337 रूपये हुई जमा नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु गठित खण्डपीठों में नेशनल लोक अदालत मे आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराये जाने हेतु लंबित कुल 1458 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर किया गया और समझौता राशि 08 करोड़ 59 लाख 88 हजार 750 रूपये जमा कराई गई। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ के समक्ष कुल 3,655 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया और समझौता राशि 04 करोड़ 20 लाख 64 हजार 587 रूपये जमा कराई गई। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 5113 प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें रूपये 12 करोड़ 80 लाख 53 हजार 337 रूपये समझौता राशि जमा हुई। सर्वाधिक पारिवारिक मामलों का हुआ निराकरण, अलग रह रहे पति-पत्नी खुशी-खुशी लौटे घर नेशनल लोक अदालत में श्रीमती कली प्रजापति और उनके पति श्री महेन्द्र के बीच आपसी पारिवारिक विवाद के कारण अलगाव की स्थिति बन गई थी। इसके बाद श्रीमती कलीबाई ने कुटुम्ब न्यायालय में अपना दावा लगा दिया। इस प्रकरण में पारिवारिक मामला तथा भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश एवं न्यायाधीश श्री श्री वैभव मंडलोई के न्यायालय ने दोनों को समझाइश दी, जिसके बाद दोनो में साथ रहने और विवाद खत्म करने पर सहमति बनी। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने दोनों दंपत्तियों को फूल माला पहनाकर और पौधे भेंटकर सम्मानित किया और दोनों दंपत्ति खुशी-खुशी घर लौटे। मोटर दावा दुर्घटना दावा अधिकरण (क्लेम) में 25 लाख रूपये का अवार्ड पारित प्रधान जिला न्यायाधीश श्री प्रकाश चंद्र आर्य के न्यायालय में विचाराधीन क्लेम प्रकरण में आवेदिका अरूणा द्वारा उसके पति की मृत्यु हो जाने के कारण राशि प्रदाय किये जाने हेतु क्लेम प्रस्तुत किया गया था, जिसमे आवेदकगण और अनावेदकगण के मध्य सुलह समझाइश कर प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा 25 लाख रूपये का अवार्ड नेशनल लोक अदालत में पारित कर न्यायालय में चल रहे लंबित प्रकरण का निराकरण कराया गया। नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी गई तथा दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वरा भी उन्हें समझाया गया एवं नेशनल लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण संभव हुआ। ईएमएस/ विमल जैन / 14 मार्च 2026