क्षेत्रीय
14-Mar-2026


7 अपे्रल से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी छिंदवाड़ा (ईएमएस)। रबी उपार्जन के वर्ष 2026-27 में इस बार छिंदवाड़ा में समर्थन मूल्य पर 3 लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिले में गेहूं के रकबे को देखते हुए और पिछले साल की खरीदी केा देखते हुए यह लक्ष्य रखा गया है। स्थानीय स्तर पर अब उपार्जन को लेकर व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। खीरीदी केंद्रों को तय किया जा रहा है। इसी तरह संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाने को लेकर उच्च अधिकारियेां द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दिशा निर्देश भी दिए जा रहे है। जबलपुर संभाग में 7 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू होगी। इसी तारीख से छिंदवाड़ा जिले में भी किसान समर्थन मूल्य पर सरकार को गेहूं बेच सकेंगे। दो साल से कम हुआ है उपार्जन पिछले दो साल के आंकड़ें देखें तो समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए न तो किसान पंजीयन में रुचि लेते दिखे और न बेचने में 2024 में 25 हजार मीर्टि्रक टन तो 2025 में लगभग 28 हजार मीट्रिक गेहूं की खरीदी हुई थी। इस बार यह लक्ष्य 30 हजार मीट्रिक टन किया गया है। पिछले साल सिर्फ 16 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। इस बार यह आंकड़ा 29 हजार से ज्यादा पहुंच गया है। इससे ये अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार सरकारी गोदामों में गेहूं की मात्रा बढ़ेगी। पिछले साल 87 केंद्रों में हुआ था उपार्जन पिछले साल छिंदवाड़ा और पांढुर्णा को मिलाकर 87 खरीदी केंद्र बनाए गए थे। इसमें से 30 से ज्यादा खरीदी केंद्र तो वेयरहाउस और गोदामों में ही बनाए गए थे ताकि परिवहन वहीं पर किया जा सके। जिले में मुख्य खरीदी एजेंसी नान के अधिकारियों ने बताया कि केंद्रों को लेकर विचार विमर्श अभी चल जाएगा। एक सप्ताह में यह तय हो जाएगा कि कहां-कहां केंद्र रहेंगे। कुछ केंद्र बढ़ाए भी जा सकते हैं। इस बार बढ़ा दिया है समर्थन मूल्य इस बार सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने के साथ-साथ किसानेां को प्रति क्ंिवटल बोनस देने की भी घोषणा की है। सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल रखा है। 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा किसानों केा। इस तरह 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव किसानों को मिलेगा। आवक बढ़ने के साथ यदि खुले बाजार में गेहूं के दाम इससे कम रहे तो किसान समर्थन मूल्य पर ये उपज सरकार को ही बेचेंगे। अभी मंडी में गेहूं की आवक बढ़ी नहीं है। दाम अभी 2500-2600 के आसपास चल रहे हैं। आवक बढ़ने के बाद दाम में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। इनका कहना है समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन का काम पूरा हेा चुका है। अब खरीदी केंद्रों को लेकर व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। इस बार 30 हजार मीट्रिक टन यानि 3 हजार क्विंटल की खरीदी का लक्ष्य है। प्रयास रहेगा कि लक्ष्य के अनुरूप खरीदी जिले में हो सके। तय मानकों के अनुसार गुणवत्तायुक्त गेहूं की खरीदी की जाएगी। मुकुल त्रिपाठी, जिला प्रबंधक,नागरिक आपूर्ति निगम ईएमएस/मोहने/ 14 मार्च 2026