राज्य
15-Mar-2026
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- 11,498 करोड़ के शराब ठेकों पर ठंडा रिस्पॉन्स भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों के ठेकों की नीलामी का तीसरा राउंड भी ठंडा रहा। आबकारी विभाग ने इस चरण में प्रदेश के 50 जिलों के 407 समूहों के लिए टेंडर जारी किए थे, जिनकी कुल रिजर्व प्राइस 11,498.68 करोड़ रुपए तय की गई थी। लेकिन नीलामी में ठेकेदारों की भागीदारी उम्मीद से काफी कम रही। सूत्रों के अनुसार शनिवार को पूरे प्रदेश में सिर्फ 15 जिलों के 36 समूहों के लिए ही 60 टेंडर प्राप्त हुए। इन बोलीदाताओं ने कुल 458.38 करोड़ रुपए के ऑफर दिए, जो निर्धारित रिजर्व प्राइस का करीब 4 प्रतिशत ही है। 35 जिलों में सन्नाटा तीसरे राउंड में प्रदेश के 35 जिलों में एक भी टेंडर दाखिल नहीं हुआ। बड़े शहरों में भी नीलामी को लेकर ठेकेदारों की दिलचस्पी नहीं दिखी। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, सागर और देवास जैसे प्रमुख जिलों में भी एक भी बोली नहीं आई। सूत्रों का कहना है कि ठेकों की रिजर्व प्राइस बढऩे के कारण कई ठेकेदारों ने बोली लगाने से दूरी बनाए रखी। आबकारी विभाग ने बदली रणनीति कमजोर रिस्पॉन्स को देखते हुए आबकारी विभाग अब नई रणनीति पर काम कर रहा है। अगले चरण में शराब दुकानों के छोटे समूह बनाकर नीलामी कराई जाएगी। इसके तहत प्रत्येक समूह में न्यूनतम 2 और अधिकतम 3 दुकानें शामिल होंगी। एकल दुकान को अलग समूह बनाकर नीलामी में नहीं रखा जाएगा। बड़े समूह सिर्फ उन्हीं जिलों में बनाए जाएंगे, जहां पर्याप्त इच्छुक टेंडरदाता मौजूद हों। ठेकेदारों की वेट एंड वॉच रणनीति सूत्रों के मुताबिक कई जिलों में ठेकेदार फिलहाल वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाए हुए हैं। उनका मानना है कि शुरुआती चरण में सरकार ऊंची कीमतों पर ठेके देना चाहती है, लेकिन कमजोर रिस्पॉन्स के बाद शर्तों में ढील दी जा सकती है।ठेकेदारों की रणनीति ठेकों के भाव कम कराने की भी बताई जा रही है। इसी उम्मीद में कई बड़े ठेकेदार फिलहाल बोली से दूर हैं। कुछ जिलों में यह भी चर्चा है कि स्थानीय स्तर पर सीमित प्रतिस्पर्धा बनाए रखने की कोशिश की जा रही है, ताकि आगे के चरणों में कम बोलीदाताओं के बीच ठेके हासिल किए जा सकें। हालांकि आबकारी विभाग संगठित रणनीति की इन चर्चाओं से इनकार करता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले वर्षों में भी यह देखा गया है कि सरकार एक अप्रैल से पहले कई बार ठेकों की रिजर्व प्राइस में कटौती कर देती है। विनोद / 15 मार्च 26