- महिला को भोपाल सेट्रंल जेल में नौकरी लगवाने के नाम पर की थी ठगी - खुद को बताता था भोपाल सैट्रंल जेल का अधिकारी भोपाल(ईएमएस)। जीआरपी पुलिस आमला ने बडी कामयाबी पाते हुए ट्रेनो में धोखाधडी, जालसाजी कर नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को दबोचा है। जानकारी के अनुसार 29 फरवरी 2026 को ट्रेन आमला छिन्दवाडा मेमो पेसेंजर मे एक व्यक्ति द्वारा ट्रैन में सफर कर रही लताशा चौहान निवासी जुन्नारदेव नामक महिला को केन्द्रीय जेल भोपाल में (जेल प्रहरी) के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर पहले 1,050 और बाद में ट्रेनिग करने के नाम पर और 25 हजार 500 की रकम लेकर हड़पने की शिकायत मिली थी। शिकायत की जॉच के दौरान हाथ लगे सुरागो के आधार पर पुलिस ने संदेही राजपाल यादव को उसके मोबाईल की लोकेशन के आधार पर 13 मार्च 26 को दक्षिण एक्सप्रेस ट्रैन से उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह ट्रेन के स्लीपर कोच से उतर कर भागने की कोशिश कर रहा था। उसकी पहचान इन्द्रपाल पिता स्व.जददुलाल पाल (55) निवासी पटेल स्कूल के सामने खंजनपुर थाना गंज बैतूल जिला बैतूल, हाल पता, भगवान परिसर बगलिया रोड भोपाल के रुप में हुई। आगे की पूछताछ में उसने बैतूल से छिंदवाड़ा ,बैतूल से भोपाल, भोपाल से इंदौर तथा अन्य ट्रेन मार्गो पर बेरोजगार युवक युवतियो को अपना नाम राजपाल यादव चक्कर/उप जेल अधिकारी जेल भोपाल का बताकर एवं जेल भोपाल का अपना नकली विजिटिंग कार्ड दिखाकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपए ऐंठता था। पुलिस ने उसके कब्जे से पुलिस के जूते, दो मोबाईल, पुलिस की टोपी ,नगदी सहित जालसाजी करने के नकली तैयार किये गये नकली दस्तावेज़ जप्त किये है। इतना ही नहीं उसके पास से नकली जेल अधिकारी का विजिटिंग कार्ड , जेल ट्रेनिंग सेंटर की नकली पर्चीया, सागर जेल ट्रेनिंग सेंटर में नौकरी लगवाने के लिये ठगे गए युवक-युवतियो की नकली फोटो एव भर्ती सूची, नकली भर्ती के जेल अधीक्षक के नाम के लिफाफे भी बरामद किये गये है| जुनेद / 15 मार्च