-अमेरिका कूटनीतिक रूप से घिरा वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में युद्धपोत तैनात करने और अन्य देशों से इसमें शामिल होने की अपील को शुरुआती तौर पर अपेक्षित अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिला है। चीन, ब्रिटेन और जापान जैसे प्रमुख देशों ने इस मुद्दे पर तुरंत सैन्य सहयोग देने से परहेज किया है, जिससे इस संवेदनशील समुद्री मार्ग पर अमेरिका फिलहाल अकेला पड़ता नजर आ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अब राष्ट्रपति ट्रंप क्या करने जा रहे हैं, क्योंकि फिलहाल वो अकेले खड़े नजर आए हैं। खास बात तो यह है कि ट्रंप को इन देशों से मु्फ्त की सलाह भी मिलने लगी हैं। हद यह है कि चीन ने इस मामले में संयम बरतने की सलाह दे दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि चीन किसी भी प्रकार की दुश्मनी को तुरंत रोकने का समर्थन करता है और सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर और निर्बाध बनाए रखें। उन्होंने कहा कि चीन मध्य पूर्व के देशों का मित्र और रणनीतिक साझेदार होने के नाते क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। उधर ब्रिटेन ने भी अभी कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि वह सहयोगी देशों के साथ मिलकर शिपिंग सुरक्षा के विकल्पों पर विचार कर रही है, लेकिन फिलहाल किसी ठोस कदम की घोषणा नहीं की गई है। बावजूद इसके ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक दावा करते नजर आ रहे हैं कि उन्हें सभी का समर्थन हासिल है। दरअसल राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि कई देश अमेरिका के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजेंगे। उन्होंने कहा कि वे देश विशेष रूप से प्रभावित हैं जो ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की कोशिशों से नुकसान उठा सकते हैं। ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों का नाम लेते हुए उम्मीद जताई कि ये सभी देश मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित और खुला बनाए रखने में अमेरिका का साथ देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और मध्य पूर्व में उसकी आक्रामक योजनाएं अब सफल नहीं हो पाएंगी। जापान ने सावधानी वाला रुख अपनाया जापान ने भी तत्काल नौसैनिक दखल से दूरी बनाते हुए सावधानी भरा रुख अपनाया है। जापान की सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नीति प्रमुख तकायुकी कोबायाशी ने कहा कि मौजूदा हालात में युद्धपोत भेजने का फैसला आसान नहीं है और इसके सामने कई बड़ी बाधाएं हैं। कुल मिलाकर, ट्रंप की अपील के बावजूद प्रमुख वैश्विक शक्तियां अभी इस मुद्दे पर सतर्क रुख अपना रही हैं और स्थिति के जोखिमों का आकलन करने के बाद ही आगे बढ़ने की रणनीति बना रही हैं। इससे फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर अमेरिका कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। हिदायत/ईएमएस 16 मार्च 2026