जकार्ता,(ईएमएस)। दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनक क्रूज मिसाइल खरीद रहा है। इसकी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि हो गई है। लेकिन जनवरी महीने में एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया था कि इंडोनेशिया पाकिस्तानी जेएफ-17 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भी बात कर रहा है। हालांकि इंडोनेशिया की सरकार ओर से पाकिस्तानी जेट खरीदने की रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। इंडोनेशिया ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान भी खरीदे हैं, जिनकी डिलीवरी भी शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट में तब कहा गया था कि इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान एयरफोर्स चीफ जहीर बाबर सिद्धू से मुलाकात कर फाइटर जेट और ड्रोन की संभावित बिक्री पर चर्चा की। इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रिको रिकार्डो सिरैत के हवाले से कहा गया कि बैठक में जनरल डिफेंस कोऑपरेशन रिलेशन पर चर्चा हुई जिसमें स्ट्रेटेजिक बातचीत, डिफेंस इंस्टीट्यूशन के बीच कम्युनिकेशन को मजबूत करना और लंबे समय में अलग-अलग फील्ड में आपसी फायदे वाले कोऑपरेशन के मौके शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि इंडोनेशिया पाकिस्तान से 40 फाइटर जेट खरीदने पर विचार कर रहा है। जबकि इंडोनेशिया और भारत के बीच ब्रह्मोस सौदे को लेकर कई महीनों से बात चल रही थी जिसपर अब मुहर लग गई है। इस डील की खुद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिरैत ने पुष्टि की है। भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सौदे की कीमत करीब 200 मिलियन डॉलर से 350 मिलियन डॉलर के बीच होने का अनुमान है। इंडोनेशिया भारतीय ब्रह्मोस दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामता से अपने बचाव के लिए खरीद रहा है। ब्रह्मोस का एक शिप-लॉन्च्ड वेरिएंट है जिसे चलते या रुके हुए मैरीटाइम प्लेटफॉर्म से वर्टिकल या इनक्लाइंड मोड में लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस वैरिएंट से समुद्र से समुद्र में या समुद्र से जमीन पर किसी टारगेट पर हमला किया जा सकता है। भारत ने पिछले साल पाकिस्तान पर जब ब्रह्मोस मिसाइलों से सटीक हमला किया था उसके बाद से कई देश ब्रह्मोस के लिए भारत से बात कर रहे हैं। इंडोनेशिया से पहले फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीद चुका है, फिंलीपीस ने दक्षिण चीन सागर में चीन की मुख्य जमीन के करीब तैनात किया है। भारत भी अपने डिफेंस एक्सपोर्ट को बढ़ा रहा है जिसमें ब्रह्मोस एक प्रमुख हथियार बन गया है। इस भारत ने रूस के साथ मिलकर तैयार किया और ये दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है। वियतनाम, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और चिली सहित कई देशों ने इस मिसाइल को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। आशीष/ईएमएस 16 मार्च 2026