राष्ट्रीय
17-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। मोबाइल नोटिफिकेशन, देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल और मानसिक तनाव के कारण दुनिया भर में लोग अनिद्रा और अधूरी नींद की समस्या से जूझ रहे हैं। यही वजह है कि इस समस्या से छुटकारा पाने ‘स्लीप टूरिज्म’ का चलन तेजी से बढ़ रहा है। अब लोग घूमने-फिरने के साथ-साथ अच्छी और सुकून भरी नींद पाने के लिए भी विशेष रूप से यात्राएं प्लान कर रहे हैं। ट्रैवल सर्च प्लेटफॉर्म स्कायस्कैनर की 2025-2026 ट्रैवल ट्रेंड रिपोर्ट में भी इस नए ट्रेंड का उल्लेख किया गया है, जिसमें बताया गया है कि कई यात्री अब ऐसी जगहों की तलाश कर रहे हैं जहां उन्हें शांति, आराम और गहरी नींद मिल सके। स्लीप टूरिज्म को वेलनेस टूरिज्म का एक नया और तेजी से लोकप्रिय हो रहा हिस्सा माना जा रहा है। इसमें होटल और रिसॉर्ट अपने मेहमानों को पारंपरिक सुविधाओं के अलावा खास ‘स्लीप पैकेज’ उपलब्ध कराते हैं। इन पैकेजों में शांत वातावरण, बाहरी शोर से दूर कमरे, विशेष रूप से डिजाइन किए गए गद्दे और तकिए, स्लीप थेरेपी, रिलैक्सेशन सेशन, योग और ध्यान जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। कई जगहों पर स्पा ट्रीटमेंट और ऐसी डाइट भी दी जाती है जो शरीर को शांत कर अच्छी नींद लाने में मदद करती है। इन सभी सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य तनाव कम करना और शरीर को गहरी व आरामदायक नींद के लिए तैयार करना होता है। दुनिया में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो स्लीप टूरिज्म के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। भारत का रिशिकेश गंगा किनारे की शांति और योग-ध्यान के माहौल के कारण मानसिक सुकून और बेहतर नींद के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। वहीं स्वीटजरलेंड की ताजी हवा, बर्फ से ढके पहाड़ और शांत वातावरण अनिद्रा से परेशान लोगों के लिए आदर्श माने जाते हैं। इसी तरह कोस्टारिका के प्राकृतिक ईको-लॉज और हरियाली से घिरे स्थान आरामदायक नींद के लिए आकर्षक विकल्प बन रहे हैं। आइसलेंड की ठंडी जलवायु और शांत रातें भी लंबी और गहरी नींद के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली में नींद की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के लगभग 64 प्रतिशत शहरी लोग सुबह 7 बजे से पहले उठ जाते हैं, जबकि करीब 61 प्रतिशत लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर और दिमाग के बेहतर कामकाज के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी होती है, लेकिन तनाव, काम का दबाव और डिजिटल उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण यह संतुलन बिगड़ रहा है। इसी बदलती जीवनशैली के बीच स्लीप टूरिज्म लोगों को मानसिक और शारीरिक थकान से राहत देने का एक नया तरीका बनकर उभर रहा है। सुदामा/ईएमएस 17 मार्च 2026