तेहरान(ईएमएस)। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष अब अपने 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसका सीधा असर अब ईरान की आंतरिक परिवहन व्यवस्था पर दिखने लगा है। युद्ध के कारण बिगड़ते हालातों के बीच ईरान के विभिन्न शहरों में चलने वाली लोकल ट्रेनों, विशेषकर ईएमयू और डीएमयू सेवाओं को बड़े पैमाने पर रोका जा रहा है या उनकी फ्रीक्वेंसी कम कर दी गई है। इस घटनाक्रम ने इन कयासों को हवा दे दी है कि क्या ईरान किसी बड़े सैन्य कदम की तैयारी में है या फिर युद्ध की मार अब उसकी बुनियादी सुविधाओं पर भारी पड़ने लगी है। युद्ध शुरू होने के बाद शुरुआती दिनों में ईरान की स्थानीय ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन अब बिजली और ईंधन की भारी किल्लत ने रेल ऑपरेशंस को पंगु बना दिया है। तेहरान, कराज और वरामिन जैसे व्यस्त रूटों पर चलने वाली मेट्रो और सबअर्बन ट्रेनें बिजली कटौती के कारण घंटों की देरी से चल रही हैं। वहीं, डीजल की कमी ने उन रूट्स पर संकट खड़ा कर दिया है जहां डीएमयू ट्रेनें संचालित होती हैं। ईंधन की बचत करने के लिए प्रशासन ने उन ट्रेनों को पूरी तरह बंद कर दिया है जिनमें यात्रियों की संख्या कम थी। ईरान के प्रमुख शहरों जैसे मशहद, इस्फहान और शिराज में भी लोकल ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। दक्षिणी शहर अहवाज में ट्रेनें बहुत कम स्पीड और सीमित फ्रीक्वेंसी के साथ चल रही हैं, जबकि तबरीज़ जैसे इलाकों में सुरक्षा कारणों और मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए कई स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया है। जानकारों का मानना है कि यदि यह युद्ध और लंबा खिंचता है, तो ईरान को अपनी पूरी रेल व्यवस्था को ठप करना पड़ सकता है, जो आम जनता के लिए एक बड़े मानवीय संकट का कारण बनेगा। इतना ही नहीं, इस युद्ध का असर अब केवल ईरान तक सीमित नहीं रहने वाला है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। यदि आपूर्ति मार्ग लंबे समय तक बाधित रहते हैं, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं और ईंधन की कीमतों पर भी पड़ेगा। फिलहाल, ईरान के भीतर परिवहन व्यवस्था का चरमराना इस बात का संकेत है कि युद्ध की विभीषिका अब वहां के आम नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी है। वीरेंद्र/ईएमएस/17मार्च2026