अंतर्राष्ट्रीय
17-Mar-2026


दुबई(ईएमएस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब अपने 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसके साथ ही मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाई और तनाव चरम पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में संघर्ष की आग अब संयुक्त अरब अमीरात तक फैल गई है, जहां दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास संदिग्ध ड्रोन हमले देखे गए हैं। इन हमलों के कारण हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई विमानों को डायवर्ट करना पड़ा है। सुरक्षा कारणों से यूएई ने अपने पूरे हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और यात्रा के इस प्रमुख केंद्र को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। ईरानी कार्रवाई का मुख्य केंद्र अरब मुल्कों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने और महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठान रहे हैं। खबरों के मुताबिक, यूएई के फुजैराह और शाह ऑयल डिपो को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए गए हैं, जिससे फुजैराह ऑयल इंडस्ट्रीज एरिया और शाह ऑयल एंड गैस फील्ड में भीषण आग लग गई। फुजैराह का यह मार्ग रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बाइपास करने वाला यूएई का एकमात्र प्रमुख तेल निर्यात मार्ग है। ईरान द्वारा पहले ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद किए जाने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और अब इस नए रूट पर हमले ने ऊर्जा संकट को और गहरा कर दिया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलने में सहयोग की अपील की है, हालांकि उनके इस प्रस्ताव पर फिलहाल अमेरिकी सहयोगियों की ओर से कोई उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, खाड़ी के सात देशों में हुए विभिन्न हमलों में अब तक करीब 200 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। दूसरी ओर, ईरान की राजधानी तेहरान में भी कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि इजरायली और अमेरिकी जवाबी कार्रवाई ईरान के भीतर तक पहुँच चुकी है। मानवीय क्षति के आंकड़े भी डराने वाले हैं। संयुक्त राष्ट्र में ईरानी राजदूत ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक 1,300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों का अनुमान है कि यह संख्या 1,858 तक हो सकती है। वहीं, लेबनान में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच जारी गोलाबारी में अब तक कम से कम 773 लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से पीछे हटने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/17मार्च2026