क्षेत्रीय
17-Mar-2026
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- शहर में 30-40 टन खपत का अनुमान; रमजानी बाबा दरगाह में हुआ विशाल इफ्तार बिलासपुर (ईएमएस)। माहे रमजान के चलते शहर के बाजारों में खजूर की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है। रोजा इफ्तार की परंपरा के कारण इस सीजन में खजूर की खपत कई गुना बढ़ जाती है। व्यापारियों के अनुसार रमजान के पूरे महीने में शहर में करीब 30 से 40 टन खजूर की खपत होने का अनुमान है। बाजार में अलग-अलग किस्मों के खजूर आकर्षक पैकिंग में उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग इफ्तार के लिए खास तौर पर खरीद रहे हैं।ड्रॉयफ्रूट कारोबारी दुकालू ने बताया कि बाजार में 200 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये किलो तक के खजूर उपलब्ध हैं। पहले खजूर का उपयोग मुख्य रूप से सर्दियों में किया जाता था, लेकिन अब सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग सालभर इसका उपयोग करने लगे हैं। उनके अनुसार शहर में पूरे साल लगभग 300 टन खजूर की खपत होती है। बाजार में फर्द, कलमी, ट्यूनेशियन जैसी कई किस्में उपलब्ध हैं, जबकि चॉकलेट खजूर बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं। इफ्तार में खजूर से रोजा खोलने की परंपरा जानकारों के अनुसार इस्लामिक परंपरा में पैगंबर हजरत मोहम्मद खजूर से रोजा इफ्तार किया करते थे। इसी कारण रमजान के दौरान खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। पूरे दिन रोजा रखने के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा की आवश्यकता होती है और खजूर में प्राकृतिक शर्करा, फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। रमजानी बाबा दरगाह में हुआ विशाल इफ्तार इसी कड़ी में माहे रमजान की 25वीं रोजा के अवसर पर तालापारा स्थित रमजानी बाबा दरगाह शरीफ में विशाल इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न समाजों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और रोजा इफ्तार कर एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद देते हुए भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया।यह आयोजन उस्की रजा कमेटी द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी किया गया, जिसमें रोजेदारों और आम लोगों के लिए इफ्तार के साथ भोजन का विशेष इंतजाम किया गया था। कार्यक्रम में मौजूद जिला अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य मोहम्मद हफीज ने कहा कि रमजान रहमत और बरकत का महीना है, जो लोगों को आपसी प्रेम और एकता का संदेश देता है।वही कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि बिलासपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की यही खूबसूरती है कि यहां हर धर्म और समाज के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते हैं और प्रेम व सौहार्द का संदेश देते हैं। मनोज राज 17 मार्च 2026