लखनऊ (ईएमएस)। राज्यसभा में उप नेता, विरोधी दल, प्रमोद तिवारी ने कहा है कि अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की वर्ष 2026 की सालाना रिपोर्ट में यह कहा गया है कि खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एण्ड एनालिसिस विंग) और भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग में हस्तक्षेप कर रहे हैं और धार्मिक सद््भाव, जो भारत के संविधान के अनुसार हमें अधिकार दिये गये हैं, उसका उल्लंघन हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी के मातृृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और खुफिया एजेंसी ‘‘रॉ’’ देश में धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार कर रहे हैं। मंगलवार को यहां जारी बयान में कांग्रेस सांसद तिवारी ने कहा है कि यही नहीं अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने आरएसएस और ‘‘रॉ’’ पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश के साथ ही साथ अमेरिका में संस्था से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाने की बात भी कही है और यहांॅ तक कहा है कि ‘‘भारत में धार्मिक आजादी खतरे में है।’’ उन्होंने कहा कि भारत में विविध धर्माे को मानने वाले लोग रहते हैं, भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है, ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की यह रिपोर्ट गम्भीर चिन्ता का विषय है। बहुत से राजनैतिक दलों ने इस पर चिन्ता व्यक्त की है और कहा है कि आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी यह पुष्टि हो गयी है, कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता खतरे में है, इससे विदेशों में भी भारत की छवि धूमिल हो रही है, और देश की छवि और गरिमा दोनों पर प्रश्न चिह््न लग रहा है। इसके लिये भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है, तथा यह भारत के संविधान में प्रदत्त अधिकार का खुला उल्लंघन है, जिसमें सभी धर्माे को मानने वाले लोगों को धार्मिक आजादी दी गयी है। जितेन्द्र 17 मार्च 2026