ज़रा हटके
18-Mar-2026
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बीजिंग (ईएमएस)। चीन के वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे सटीक ऑप्टिकल घड़ियों में से एक विकसित करने का दावा किया है। यह घड़ी इतनी सटीक है कि करीब 30 अरब वर्षों में भी इसमें केवल एक सेकंड की ही त्रुटि होगी। वैज्ञानिकों के अनुसार यह तकनीक भविष्य में समय की मूल इकाई ‘सेकंड’ की नई परिभाषा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह अत्याधुनिक घड़ी परमाणुओं के भीतर इलेक्ट्रॉनों के ऊर्जा स्तर में होने वाले परिवर्तन से उत्पन्न प्रकाश की आवृत्ति को मापकर समय का निर्धारण करेगी है। इस तकनीक को ऑप्टिकल परमाणु घड़ी कहा जाता है, जिसे वर्तमान में समय मापने की सबसे सटीक प्रणालियों में माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की अत्यधिक सटीक घड़ियों से कई आधुनिक तकनीकों को बड़ा लाभ मिल सकता है। खासतौर पर सैटेलाइट नेविगेशन, टेलीकॉम नेटवर्क और वैज्ञानिक मापन प्रणालियों की सटीकता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसके अलावा यह तकनीक पृथ्वी से जुड़ी कई जटिल प्राकृतिक प्रक्रियाओं को समझने में भी मददगार साबित हो सकती है। उदाहरण के तौर पर गुरुत्वाकर्षण में होने वाले बेहद छोटे बदलाव, पृथ्वी की सतह में सूक्ष्म परिवर्तन और ज्वालामुखीय गतिविधियों का अध्ययन पहले से कहीं अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि दुनिया के विभिन्न शोध संस्थानों में ऐसी कम से कम तीन समान सटीकता वाली ऑप्टिकल घड़ियां लगातार और विश्वसनीय रूप से काम करने लगें, तब भविष्य में समय की अंतरराष्ट्रीय इकाई ‘सेकंड’ की परिभाषा को फिर से निर्धारित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि न केवल समय मापन के क्षेत्र में बड़ी प्रगति है, बल्कि भविष्य की वैज्ञानिक और तकनीकी खोजों के लिए भी नए रास्ते खोल सकती है। आशीष/ईएमएस 18 मार्च 2026