क्षेत्रीय
18-Mar-2026
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- कालीसिंध नदी में किया पितरों का तर्पण,बाबा कपिलेश्वर का हुआ जलाभिषेक राजगढ़(ईएमएस)l जिले के सारंगपुर में चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या, जिसे भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है, के अवसर पर कपिलातीर्थ कपिल घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार तड़के 5 बजे से ही आसपास के गांवों और शहरों से आए लोगों ने कालीसिंध नदी में आस्था की डुबकी लगाई और पितरों की शांति के लिए तर्पण व पूजन किया। घाट पर पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद बाबा कपिलेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया। उन्होंने नवग्रह देवताओं की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देकर पुण्य अर्जित किया गया।आचार्य कैलाश शर्मा के अनुसार, भूतड़ी अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पितृ लोक के द्वार खुलते हैं और पूर्वज अपने परिजनों को आशीर्वाद देने पृथ्वी पर आते हैं। इस तिथि पर किए गए तर्पण और कर्मकांड से पितृ दोष शांत होते हैं तथा घर-परिवार में शांति और समृद्धि आती है। उन्होंने बताया कि इस अमावस्या को भूतड़ी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन सूक्ष्म और अदृश्य शक्तियों का प्रभाव भी अधिक माना जाता है। हालांकि, इसका प्रमुख उद्देश्य पितरों का स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना ही है।कपिलेश्वर तीर्थ धाम के पंडित संतोष पुरी ने जानकारी दी कि सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने विधि-विधान से स्नान कर भगवान का पूजन किया और अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। -निखिल/राजगढ़/18/3/2026