:: बिहार से आए मेहमान और दो मासूम बने आग का ग्रास; डिजिटल लॉक और सिलेंडर धमाकों ने बढ़ाई विभीषिका :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तिलक नगर स्थित ब्रजेश्वर एनेक्स कॉलोनी में बुधवार तड़के एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। यहाँ एक तीन मंजिला मकान के बाहर चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक कार में हुए भीषण धमाके ने पूरे घर को आग के गोले में तब्दील कर दिया। इस अग्निकांड में मकान मालिक सहित 8 लोगों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो मासूम बच्चे और बिहार से आए मेहमान भी शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और डीसीपी कुमार प्रतीक के अनुसार, हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ जब घर के सभी 12 सदस्य गहरी नींद में थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार के चार्जिंग पॉइंट पर हुए शॉर्ट-सर्किट के कारण पहले कार की बैटरी में विस्फोट हुआ। कार से उठी लपटों ने पास की इलेक्ट्रिक वायरिंग और घर के अंदर खड़ी एक स्पोर्ट्स बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते तीन मंजिला इमारत धुएं और लपटों से घिर गई। :: बिहार से आए रिश्तेदारों की उजड़ी खुशियां :: मृतकों में से छह लोग बिहार के किशनगंज जिले के निवासी थे। ये लोग परिवार के एक सदस्य के इलाज के लिए इंदौर अपने रिश्तेदारों के पास आए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहाँ उनकी जिंदगी का सफर समाप्त हो जाएगा। मृतकों की पहचान मकान मालिक मनोज पुगलिया (65), तन्मय (7), राशि सेठिया (12), सिमरन पुगलिया (30), टीनू (35), सुमन सेठिया (60), विजय सेठिया (65) और छोटू सेठिया (22) के रूप में हुई है। चार अन्य लोगों को झुलसी हुई अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया है। :: डिजिटल लॉक और सिलेंडर ब्लास्ट ने रोकी राह :: इस हादसे में तकनीक ही मौत का कारण बनी। घर में लगे आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक (डिजिटल) लॉक बिजली कटते ही तकनीकी खराबी के कारण जाम हो गए, जिससे अंदर फंसे लोगों को भागने का रास्ता नहीं मिला। इसी बीच घर में रखे दो एलपीजी सिलेंडर फटने से आग और विकराल हो गई। पुलिस, दमकल और एसडीईआरएफ की टीमों ने करीब ढाई घंटे तक मौत से जंग लड़ते हुए दरवाजे तोड़े और शवों को बाहर निकाला। :: घटनास्थल पर पहुँचा उच्च स्तरीय जांच दल :: मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अनुपम राजन और विशेष डीजी आदर्श कटियार विशेषज्ञों के दल के साथ तत्काल घटनास्थल पहुँचे। एसीएस अनुपम राजन ने बताया कि इस दुर्घटना की वैज्ञानिक जांच के लिए आईआईटी (IIT) के विशेषज्ञों और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। जांच दल ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य और जले हुए वाहनों के नमूने एकत्र किए हैं। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या चार्जिंग उपकरण में कोई तकनीकी खामी थी या बिजली के लोड के कारण यह ब्लास्ट हुआ। :: बनेगी नई एसओपी और सुरक्षा गाइडलाइंस :: शासन ने इस घटना के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अपर मुख्य सचिव ने घोषणा की है कि जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की घरेलू चार्जिंग और रिहायशी इलाकों में डिजिटल लॉक के उपयोग को लेकर एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। :: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया शोक :: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना को चिंताजनक बताते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रकाश/18 मार्च 2026