राष्ट्रीय
19-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। बीते दिनों पंजाब के तरनतारन जिले में मोमोज खाने के बाद दो सगे भाई-बहनों की मौत हो गई। दोनों बच्चों ने मोमोज और सोया चाप खाया था। कुछ देर बाद बच्चों के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं। उल्टी की दवा देने के कुछ समय बाद दोनों बच्चों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जिसमें एक बच्ची की मौत को उसके अत्यधिक चाऊमीन और बर्गर खाने की आदत से जोड़ा गया था। ऐसे मामलों के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या जंक फूड अब जानलेवा साबित हो सकता है और क्या मोमोज, चाऊमीन या बर्गर जैसी चीजें खाने के तुरंत बाद किसी की जान जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तरनतारन की घटना में अभी तक पूरी क्लिनिकल जानकारी सामने नहीं आई है, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि बच्चों की मौत की असली वजह क्या थी। हालांकि संभावना यह भी जताई जा रही है कि मौत सीधे खाने से नहीं बल्कि किसी प्रकार के संक्रमण या दूषित भोजन से हुई हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर बाहर मिलने वाले खाने में साफ-सफाई का अभाव हो या वह संक्रमित हो तो बच्चों में टाइफॉइड, गंभीर फूड पॉइजनिंग या एक्यूट डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे मामलों में पेट दर्द, उल्टी और तेज कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गंभीर स्थिति में संक्रमण शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है और किडनी के अचानक काम बंद करने जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि केवल मोमोज खाने से तुरंत मौत हो जाना सामान्य स्थिति में संभव नहीं लगता, लेकिन अगर खाने में कोई जहरीला तत्व, खराब मांस, दूषित सामग्री या लंबे समय तक अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा गया भोजन इस्तेमाल हुआ हो तो इससे शरीर में गंभीर संक्रमण या विषाक्त प्रभाव हो सकता है। ऐसे मामलों में असली वजह का पता पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल पाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंक फूड भले ही तुरंत जानलेवा न हो, लेकिन लंबे समय तक इसका अधिक सेवन सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता है। सुदामा/ईएमएस 19 मार्च 2026