नई दिल्ली (ईएमएस)। बढ़ता वजन हृदय रोग, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। इन परिस्थितियों में हैल्थ विशेषज्ञों द्वारा मोटापे से परेशान लोगों को समय रहते सावधानी बरतने और जीवनशैली में बदलाव करने की सलाह दी जा रही है। नेशनल हैल्थ मिशन के मुताबिक यह समस्या अब बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों में तेजी से फैल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली में जंक फूड का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना मोटापे की मुख्य वजह बन गया है। बच्चों में मोबाइल और टीवी पर ज्यादा समय बिताने की आदत के कारण उनकी शारीरिक सक्रियता कम हो रही है। वहीं वयस्कों में ऑफिस का काम, तनाव और फास्ट फूड की बढ़ती आदत ने भी वजन बढ़ने की समस्या को बढ़ावा दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा केवल शरीर का वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है। यह शरीर में सूजन पैदा करता है और इंसुलिन के प्रभाव को कम कर सकता है, जिससे टाइप 2 डायबिटिज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा धमनियों में फैट जमा होने से हार्ट डिसिज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए समय रहते इसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा ऐसी समस्या है जिसे दवाइयों से ज्यादा जीवनशैली में बदलाव करके नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या किसी न किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधि करना जरूरी है। तेज चलना, साइकिल चलाना, योग करना या किसी खेल में हिस्सा लेना शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार पर ध्यान देना भी जरूरी है। घर का बना भोजन, ताजी सब्जियां, फल और साबुत अनाज का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा तेल, चीनी, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर रखना चाहिए, क्योंकि ये वजन बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय जीवनशैली अपनाकर मोटापे के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी आदतें जैसे लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, छोटे काम खुद करना और लंबे समय तक बैठे रहने से बचना भी वजन नियंत्रित रखने में सहायक साबित हो सकता है। मोटापे को नियंत्रित करने के लिए स्क्रीन टाइम कम करना भी जरूरी है। खासकर बच्चों को टीवी, मोबाइल या कंप्यूटर के सामने दो घंटे से ज्यादा समय नहीं बिताने देना चाहिए। इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना भी स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। डॉक्टरों के अनुसार रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद करती है। सुदामा/ईएमएस 19 मार्च 2026