कोरबा (ईएमएस) कोरबा अंचल के सीतामढ़ी मुख्य मार्ग स्थित सप्तदेव मंदिर में हिंदू नारायणी सेना (मंदिर) ने एक विशेष धर्म संवाद और धर्म चिंतन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विशेष हिंदू धर्म से संबंधित हर एक विषयों पर गहन मंथन और विचार किया। शहर के सभी बड़े-बड़े मंदिरों के विभिन्न पुजारी/धर्म गुरुओं सहित संगठन के सभी पदाधिकारी इस बैठक में शामिल हुए, कार्यक्रम की शुरुआत हमारे धर्मगुरु ने शंखनाद और हनुमान चालीसा के साथ शुरू किया। हिंदू नारायणी सेना (मंदिर) संगठन के प्रमुख अरविंद अग्रवाल ने बताया कि हिंदू धर्म में धार्मिक कार्यों को बढ़ावा देने सहित समय-समय पर मंदिरों में सामाजिक और पारंपरिक कार्यक्रम की आयोजन नियमानुसार, नियमित उपस्थिति और समग्र प्रयासों से गुरुकुल की स्थापना करते हुए बच्चों को धर्म संवत संस्कारित शिक्षा देने के बारे में गंभीरता से विचार विनिमय हुआ। इस प्रकार के कार्य कैसे संभव हो सकते हैं, इसके लिए सभी मंदिरों के पुजारी एवं धर्मगुरु ने अपने सुझाव दिए। हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत् 2083 प्रतिपदा एवं चैत्र नवरात्र पर मंदिरों सहित शहर के सभी हिंदू भाई अपने घरों में भगवा ध्वज लगाए एवं दीप जलाएं और शाश्वत मान्यताओं को प्रचारित करें ऐसा निर्णय लिया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से इस पक्ष को भी रखा गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे किसी भी कंटेंट को पोस्ट करने से बचा जाए जो विरोधाभास को प्रकट करते हो। बैठक में विशेष रूप से उपस्थित शारदा विहार शिव मंदिर के धर्मगुरु, बी.डी. अग्रवाल के सामने शिव मंदिर के धर्मगुरु, सुभाष ब्लॉक हेलीपैड के पास हनुमान मंदिर के धर्मगुरु, मुड़ापार हनुमान मंदिर के हमारे धर्मगुरु, रेलवे स्टेशन वैष्णो दरबार मंदिर के धर्मगुरु, डी.डी.एम. रोड राम दरबार मंदिर के धर्मगुरु, दर्री रोड लक्ष्मी नारायण मंदिर के धर्मगुरु, सीतामढ़ी सप्तदेव मंदिर के धर्मगुरु, श्याम मंदिर के धर्मगुरुसहित और भी अन्य मंदिरों के काफी संख्या में महाराज/धर्मगुरु उपस्थित थे। इस विशेष मंथन और धर्म संवाद में यह निर्णय लिया गया कि अन्य धर्म की तरह हमारे हिंदू धर्म में भी सभी हिंदुओं को एक अनिवार्य दिवस के रूप में मंगलवार को संध्या आरती के समय मंदिर आना एकत्रित होना अनिवार्य किया गया है। जो भी हिंदू है उनको इस नियम का पालन करना है और साथ ही गुरुकुल की शुरुआत करने के लिए हमारे धर्मगुरु हमारे हिंदू संगठन का विशेष सहयोग करेंगे ऐसा निर्णय लिया गया। 19 मार्च / मित्तल