व्यापार
19-Mar-2026


- खतरे में 800 छोटी कंपनियां, यूएई में फंसे 12,000 करोड़ मुंबई (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की कंपनियों पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले छह महीनों में लगभग 800 भारतीय एसएमइस ने यूएई में करीब 12,000 करोड़ रुपए (1.3 अरब डॉलर)* का निवेश किया, लेकिन यूएस-इरान तनाव के कारण रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता से एमएसएमई कंपनियों के लिए जोखिम बढ़ गया है। आपूर्ति बाधित होने और लॉजिस्टिक खर्च बढ़ने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। देश में लगभग 50 फीसदी इकाइयों ने उत्पादन बंद कर दिया। पीपी, एचडीपीई, पीवीसी, पेट रेजिन जैसी पेट्रोकेमिकल्स की कीमतों में 78 फीसदी तक की वृद्धि हुई। उत्पादन क्षमता भी घटकर 100 टन प्रति माह से 20 टन तक सीमित हो गई है। ड्राई फ्रूट की आपूर्ति में बाधा के कारण बादाम, अंजीर, पाइन नट्स और खजूर की कीमतें 20–50 फीसदी बढ़ी हैं। पेट्रोकेमिकल्स से जुड़े कच्चे माल (नैफ्था, स्टाइरीन, पॉलीइथिलीन) की कमी के कारण फार्मा उद्योग पर भी असर पड़ा है। कई दवाओं के एक्टिव कंपोनेंट इन कच्चे माल पर निर्भर हैं, जिससे भारत और चाइना जैसे फार्मा हब भी प्रभावित हो सकते हैं। सतीश मोरे/19मार्च ---