- रायपुर पहुंचकर घंटों इंतजार करो या फिर आधी रात को पहुंचने की मजबूरी कोरबा (ईएमएस) जानकारी के अनुसार रेल संघर्ष समिति की ओर से हर साल मांग की जाती है कि मां सर्वमंगला की नगरी कोरबा व मां बम्लेश्वरी की नगरी डोंगरगढ़ को सीधी ट्रेन सेवा से जोड़ा जाए। दोनों ही देवी दरबारों के प्रति अगाध आस्था रखने वाले लोग नवरात्र के साथ ही सामान्य सीजन में भी दर्शन पूजन करने जाते हैं। सीधी ट्रेन सेवा नहीं होने से देवी मां के भक्तों को काफी परेशान होना पड़ता है। कोरबा से नियमित चलने वाली दो एक्सप्रेस ट्रेन उस ट्रेन के लिए तो है, लेकिन एक आधी रात को तो दूसरी शाम को पहुंचती है। इससे उन्हें दो से तीन दिन का समय लगता है। इसके कारण चाहकर भी लोग नहीं जा पाते हैं। समिति की मांग है कि ऐसी फास्ट पैसेंजर की सेवा मिले, जो सुबह यहां से रवाना हो और रात को वहां से कोरबा से लिए वापस आए।