क्षेत्रीय
20-Mar-2026
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- कृषि भूमि समतलीकरण के खिलाफ भड़का आक्रोश कोरबा (ईएमएस) जबरन बेदखली के आरोप में एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ ग्राम पाली के ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। प्रबंधन पर जबरन बेदखली व कृषि भूमि समतलीकरण आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है। उन्होंने पेसा कानून के उल्लंघन और किसानों के अधिकारों के संरक्षण की मांग की। भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया हैं की प्रभावित भू-विस्थापित, लघु मध्यम किसानों ने कहा है कि 14 मार्च को ग्राम पाली में भारी पुलिस बल के साथ एसईसीएल द्वारा ग्रामीणों की संपूर्ण खेती भूमि को भारी मशीनों का प्रयोग कर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। एक तरफा कार्यवाही करते हुए किसानों की हितों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि ग्राम पाली पांचवी अनुसूचि के अन्तर्गत आता है। पेसा अधिनियम के अनुसार ग्रामसभा की स्पष्ट लिखित सहमति के बिना किसी भी अधिग्रहण व बेदखली की कार्रवाई पूर्णत: असंवैधानिक और शून्य है। उन्होंने आगे कहा कि बल का प्रयोग कर दबावपूर्वक बिना पुनर्वास योजना, उचित मुआवजा और बगैर नियुक्ति पत्र के जमीन समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। प्रभावितों ने मांग की है कि अधिग्रहण की कार्रवाई को तब तक स्थगित रखा जाए, जब तक कि ग्रामसभा की वैध सहमति और प्रभावित लघु किसानों के साथ समझौता नहीं हो जाता। प्रभावित युवाओं को स्थायी रोजगार और बाजार दर के अनुरूप मुआवजे के आश्वासन की मांग की है। प्रभावित ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा है कि पांच दिवस के भीतर प्रशासन और प्रबंधन द्वारा वार्ता के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही लोकतांत्रिक सत्याग्रह करने मजबूर होंगे। 20 मार्च / मित्तल