21-Mar-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे सट्टे के संगठित नेटवर्क पर बिलासपुर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। प्रहार अभियान के तहत सिविल लाइन पुलिस और ए.सी.सी.यू. (सायबर सेल) की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए पैन इंडिया स्तर पर सट्टा संचालन कर रहा था। कार्रवाई में अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पूरे नेटवर्क की परतें अभी खुलनी बाकी हैं। ‘रिक्की पैनल’ से चलता था पूरा खेल जांच में सामने आया है कि रिक्की नाम के पैनल के जरिए एविएटर विंडो कसीनो और हॉर्स रीडिंग राइडिंग जैसे ऑनलाइन गेम्स पर दांव लगवाया जाता था। यह कोई छोटा-मोटा सेटअप नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें कस्टमर को जोडऩे से लेकर पैसे के ट्रांजेक्शन तक सब कुछ तय सिस्टम के तहत चल रहा था। टेलीग्राम-व्हाट्सएप से जुड़ते थे कस्टमर गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। कस्टमर को टेलीग्राम के जरिए जोड़ा जाता, फिर व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर गेम में एंट्री दी जाती। लेन-देन के लिए फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि असली पहचान छिपी रहे। मुनाफे का सीधा बंटवारा भी तय था—65त्न हेड ऑफिस और 35त्न ब्रांच के हिस्से में। रायपुर में छिपा था मास्टरमाइंड, 6.90 बरामद इस नेटवर्क का प्रमुख चेहरा राजेश उर्फ राजा बजाज पुलिस से बचने के लिए रायपुर में ठिकाना बदल-बदलकर रह रहा था। पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया, जिसके पास से 6 लाख 90 हजार रुपये नकद और लाखों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इससे पहले उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। लैपटॉप, महंगे मोबाइल, कारें,45 लाख की जब्ती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सट्टे के इस नेटवर्क की पूरी ऑपरेशन मशीनरी जब्त की है। जिसमें लैपटॉप, हाई-एंड मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक, रजिस्टर में दर्ज हिसाब-किताब के साथ कारें और अन्य वाहन शामिल हैं। कुल जब्ती की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है। रजिस्टर में लाखों रुपये के लेन-देन का पूरा ब्यौरा दर्ज मिला है, जो नेटवर्क की गहराई को दिखाता है। पुरानी गिरफ्तारी से खुली कड़ी इस पूरे नेटवर्क का सिरा दिसंबर 2025 में पकड़े गए आरोपी मनोज पोपटानी से जुड़ता है। पूछताछ में उसने ही राजेश बजाज और प्रदीप खत्री के साथ मिलकर बिलासपुर, रायपुर और अन्य शहरों में सट्टा संचालन की जानकारी दी थी। इसके बाद से दोनों आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचते रहे, लेकिन आखिरकार टेक्निकल इनपुट के आधार पर पकड़ में आ गए। बैंक खातों में लाखों का ट्रांजेक्शन पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। अब इन खातों की गहराई से जांच की जा रही है, साथ ही अवैध कमाई से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों की पहचान भी शुरू कर दी गई है। रिमांड पर अगली कार्रवाई टिकी पुलिस ने आरोपियों से और खुलासे के लिए रिमांड मांगी थी, लेकिन फिलहाल न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आवश्यकता पडऩे पर आगे पुलिस रिमांड लेकर नेटवर्क के अन्य कनेक्शन खंगाले जाएंगे। अभी और होगी सख्त कार्रवाई-रजनेश सिंह वरिष्ठ वरिष्ठ पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने बतायाप्रहार की यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है—अब देखना होगा कि इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और आगे कितने नाम सामने आते हैं। बरहाल एक बार फिर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि शहर में अपराधियों और अपराधी गतिविधियों का कोई स्थान नहीं है ऐसे लोग सावधान हो जाए, जो अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं उनका घर अब जेल है। मनोज राज 21 मार्च 2026