- ईद-उलफित्र पर मुफती-ए आजम मध्यप्रदेश मौलाना डॉ. मुशाहिद रजा कादरी बुरहानी की तकरीर जबलपुर, (ईएमएस)। रमजान के मुकद्दस महीने की रुखूसती के साथ शनिवार को शहर में ईद-उलफित्र का त्यौहार अकीदत और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ईद-उल-फित्र के मौके पर शनिवार सुबह की नमाज के बाद सभी रोजेदारों ने एकदूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। शहर की प्रमुख ईदगाह कला रानीताल में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ जहां हजारों की संख्या में मौजूद मुस्लिम भाईयों ने मुफती-ए-आजम मध्यप्रदेश की तकरीर को सुना और अमन, भाईचारे और मुल्क की खुशहाली के लिए दुआएं मांगी। इसके बाद सुबह ठीक 10:30 बजे नायब मुफती-ए-आजम मध्यप्रदेश सूफी जियाउल हक कादरी बुरहानी ने ईद-उल-फित्र की नमाज अदा कराई। इस दौरान हजरत मौलाना इनामुल हक कादरी भी सभी नमाजियों के बीच मौजूद रहे। अपनी तकरीर में मुफती-ए आजम मध्यप्रदेश हजरत मौलाना डॉ. मुशाहिद रजा कादरी बुरहानी ने कहा कि मुसलमानों को तालीम हासिल करना चाहिए, बच्चों को मोबाइल से दूर करना चाहिए। देश का मुसलमान हमेशा हुकूमत के साथ है। हमें देश की तरक्की, अमन-चैन के लिए दुआएं और अपने बच्चों को तालीम दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मुसलमान पर पांच वक्त की नमाज फर्ज है लेकिन बीमार, बुजुर्ग और महिलाओं, बच्चों को परिस्थति के अनुसार छूट भी है। इस अवसर पर उन्होंने खाड़ी देश में हो रहे युद्ध को लेकर साफ कहा कि वह दूसरे मुल्क का मसला है। इसके लिए उन्हीं मुल्क की आवाम बता सकतीं हैं। हमें अपने मुल्क के बारे में देखना और सोचना चाहिए, कि हमारा मुल्क कैसे मुकम्मल आगे बढे। उन्होंने मुल्क के सभी वासियों को ईद-उल-फित्र की बहुत-बहुत मुबारकबाद दी। साथ ही व्यवस्थाओं के लिए जिले के प्रशासन महकमे की तारीफ की। मुफती-ए-आजम मध्यप्रदेश हजरत मौलाना डॉ. मुशाहिद रजा कादरी बुरहानी के ऐलान अनुसार ईद की नमाज शहर की सभी ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में तय समय पर अदा की गई। ईद-उलफित्र में सभी मुसिलम भाईयों ने अमन, भाईचारे और मुल्क की खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। मस्जिदों में सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी थी और सभी ने रमजान की बरकतों के लिए शुक्र अद किया। साथ ही यहां भी हुई नमाज .......... रानीताल ईदगाह कला के साथ ही शहर की अन्य ईदगाहों में भी नमाज अदा की गई। इसी क्रम में मोमिन ईदगाह गोहलपुर में सुबह 8:30 बजे ईदउल-फित्र की नमाज हाफिज मोहम्मद ताहिर साहब की इमामत में नमाज अदा की गई। यहां पर भी सभी मुस्लिम भाईयों ने अमन और मुल्क की खुशहाली के लिए दुआएं मांगी। मोमिन ईदगाह में भी बड़ी संख्या में रोजेदार एकत्रित हुए और नमाज के बाद एक-दूसरे को गले मिलकर ईद-उल-फित्र की मुबारकबाद दी। सदर ईदगाह में सुबह 9 बजे हाफिज कारी सुल्तान अशरफी ने ईद-उल-फित्र की नमाज अदा कराई। इस दौरान अकबर खान सरवर और अब्दुल शफीक कुरैशी सभी नमाजियों के बीच मौजूद रहे। गढ़ा ईदगाह में सुबह 10 बजे हाफिज कारी मौलाना अमीर अशरफ ने ईद-उल-फित्र की नमाज अदा कराई। कमेटी के हाजी तौसीफ रजा एवं सभी पदाधिकारी रोजेदारों के बीच मौजूद रहे और बाद में सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-फित्र की मुबारकबाद दी। सभी मुस्लिम भाईयों ने अमन और भाईचारे की दुआएं मांगी। अजय पाठक / मोनिका / 21 मार्च 2026/ 03.50