मनोरंजन
22-Mar-2026
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मुंबई (ईएमएस)। अपने लंबे फिल्मी करियर में अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने कई यादगार भूमिकाएं निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। तीन दशक से अधिक लंबे अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा वही काम चुनती हैं, जिसमें उन्हें सच्ची खुशी मिलती है। दिव्या का मानना है कि अभिनय सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जिसे पूरी तरह जीना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे किरदार निभाना पसंद है, जिनसे उनका भावनात्मक जुड़ाव हो सके। उनके अनुसार, वह ऐसे सेट पर काम करना चाहती हैं जहां माहौल सकारात्मक हो, जहां वह खुलकर मुस्करा सकें, हंस सकें और अपने किरदार में पूरी तरह ढल सकें। उनके लिए यह भी अहम है कि उनके काम को सराहा जाए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिले। अपने करियर में दिव्या दत्ता ने विभिन्न भाषाओं और शैलियों में काम किया है। हिंदी फिल्मों के अलावा उन्होंने पंजाबी, अंग्रेजी, मलयालम और तेलुगु सिनेमा में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया है। उनका कहना है कि इतने लंबे समय तक इंडस्ट्री में टिके रहना आसान नहीं होता, लेकिन दर्शकों का प्यार उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा है। उन्होंने अपने और दर्शकों के रिश्ते को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। दिव्या के मुताबिक, जहां भी वह जाती हैं, लोग उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। लोग उन्हें अपनापन देते हैं और यही किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है। उनके लिए यही प्यार और जुड़ाव उनके करियर की सबसे बड़ी कमाई है। दिव्या ने यह भी कहा कि उनका सफर लगातार खुद को नए सिरे से खोजने और कुछ नया करने का रहा है। वह मानती हैं कि अगर कलाकार एक ही तरह के किरदारों में सीमित हो जाए, तो रचनात्मकता खत्म हो जाती है। इसलिए वह अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर अलग-अलग भूमिकाएं निभाने में विश्वास रखती हैं, ताकि दर्शकों को हर बार कुछ नया देखने को मिले। जिंदगी को लेकर भी दिव्या का नजरिया बेहद दिलचस्प है। वह इसे ईसीजी रिपोर्ट की तरह देखती हैं, जिसमें उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। उनके अनुसार, हर पल को खुलकर जीना, उससे सीख लेना और आगे बढ़ते रहना ही असली मायने रखता है। सुदामा/ईएमएस 22 मार्च 2026