वॉशिंगटन(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने अगले 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर देगी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से की जाएगी। ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। गौरतलब है कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकीर्ण समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इस रास्ते की नाकेबंदी के कारण समुद्र में तेल के जहाजों की कतारें लग गई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहरा गया है। इसी दबाव को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल से लदे जहाजों पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाने की बात भी कही है ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर हमला किया। लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित इस बेस पर हमले ने दुनिया को चौंका दिया है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि तेहरान के पास पहले से अनुमानित क्षमता से कहीं अधिक लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें मौजूद हैं। इसके साथ ही, ईरान के नतांज स्थित मुख्य परमाणु संवर्धन संयंत्र पर भी शनिवार को हवाई हमला किया गया, जिससे स्थिति और अधिक विस्फोटक हो गई है। इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने स्पष्ट किया है कि आने वाले सप्ताह में ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियानों की तीव्रता में भारी वृद्धि होगी। हालांकि, ट्रंप ने पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे कम करने के संकेत भी दिए हैं, लेकिन साथ ही क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और मरीन सैनिकों की तैनाती की घोषणा ने अमेरिका की दोहरी रणनीति को उजागर किया है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर टिकी हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/22मार्च2026