कोलकाता(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व की जमकर सराहना करते हुए कहा है कि राज्य में उनके कद का कोई दूसरा नेता नहीं है। सिन्हा ने दावा किया कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी को अपनी मां, बहन और बेटी मानती है और इस चुनाव में भी टीएमसी का दबदबा कायम रहेगा। राज्य में चुनावी शंखनाद हो चुका है और इस बार मतदान दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों के लिए 29 चुनाव को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 4 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण की अधिसूचना 30 मार्च को जारी होगी। इस चुनावी गहमागहमी के बीच जमीनी स्तर पर तनाव भी दिखने लगा है। उत्तर 24 परगना के बारानगर में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प की खबरें आई हैं। स्थिति को संभालने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। भाजपा उम्मीदवार साजल घोष ने सत्ताधारी दल पर हिंसा का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। इस चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला भवानीपुर सीट पर होने की उम्मीद है, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मैदान में उतर सकती हैं। संभावना जताई जा रही है कि उनके सामने भाजपा के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी चुनौती पेश करेंगे। ज्ञात हो कि 2021 के चुनाव में नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को एक कड़े मुकाबले में पराजित किया था, जिसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई थी। 2021 के चुनावी नतीजों की बात करें तो टीएमसी ने 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी। कांग्रेस और वाम दलों का खाता भी नहीं खुल सका था। इस बार भी मुख्य मुकाबला इन्हीं दो धुर विरोधियों के बीच माना जा रहा है। जहां टीएमसी अपने जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के दम पर सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं भाजपा सत्ता परिवर्तन के लिए पूरा जोर लगा रही है। वीरेंद्र/ईएमएस/22मार्च2026