जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान में शिक्षा के परिदृश्य पर समग्र चर्चा के लिए दो दिवसीय परिसंवाद राजस्थान ज्ञान सभा- 2083 जेईसीआरसी विश्वविद्यालय परिसर में प्रारंभ हुआ। विकसित राजस्थान के लिए शिक्षा विषय पर आयोजित परिसंवाद का उद्घाटन करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हमारी शिक्षा मूल्य आधारित होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 में भी सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यही है। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार के समावेश पर जोर देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शिक्षा के विकास में भूमिका पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपराओं में अधिकतम सवालों के जवाब निहित हैं। राजस्थान और देश का भौतिक विकास केवल शिक्षा से ही संभव है। आयुक्त कॉलेज शिक्षा राजस्थान डॉ. ओपी बैरवा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विकास करना है। भविष्य आधारित विकास के लिए शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का समावेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कौशल व रोजगार आधारित शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। युवाओं को रोजगार की गारंटी देने के लिए कॉर्पोरेट सर्टिफिकेशन कोर्स विकसित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख श्री सुनील सुखदेवभाई मेहता, वाईस चेयरपर्सन जेईसीआरसी विश्वविद्यालय श्री अमित अग्रवाल व प्रेसिडेंट जेईसीआरसी प्रो. विक्टर गंभीर ने भी शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। अशोक शर्मा/ 3 बजे/22 मार्च 2026