जल गंगा संवर्धन अभियान के पहले चरण में हुए घोटाले की हो उच्च स्तरीय जाँच भोपाल (ईएमएस) । जल गंगा संवर्धन अभियान के पहले चरण में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग कांगेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्रह कमलनाथ ने की है। नाथ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंक्ट पर सरकार से इस योजना के दूसरे चरण की शुरूआत से पहले पहले चरण में हुए घौटालों की जांच करने की बात कहते हुए लिखा है कि भाजपा के लिए धर्म सि$र्फ राजनीति का विषय है, आस्था का नहीं। इसलिए धार्मिक प्रतीकों से जुड़ी सरकारी योजनाओं में भी भाजपा भ्रष्टाचार से बाज़ नहीं आ रही। लोगों की धार्मिक आस्थाओं पर कुठाराघात करते हुए भाजपा ने महाकाल लोक घोटाले के बाद अब जल गंगा संवर्धन अभियान में घोटाला किया है। प्रदेश में चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जो जलाशय सा$फ या विकसित किए गए थे, उसके काम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। 3500 करोड़ रुपये से अधिक ख़र्च करने के बाद जलाशयों की हालत पहले से और ख़राब हो गई है और सारा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। इससे पहले महाकाल लोक में भी भाजपा ने घोटाला किया था। यह बताता है कि धर्म के नाम पर भाजपा घोटाले कर रही है। चिंता का विषय है कि 3500 करोड़ रुपये की परियोजना चौपट होने के बावजूद बिना किसी जाँच पड़ताल के अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है, जिसमें सरकारी धन की बर्बादी का डर है। नाथ ने सरकार से मांग की है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के पहले चरण में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जाँच की जाए और नए अभियान के संचालन के लिए विशेष मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाए ताकि घोटाले पर अंकुश लगाया जा सके। आशीष पाराशर/22 मार्च2026