-भारत में ईरानी दूतावास ने दी सफाई; तनाव के बीच भी जारी है सीमित जहाजों की आवाजाही नई दिल्ली,(ईएमएस)। ईरान ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से 2 मिलियन डॉलर (करीब 20 लाख डॉलर) का टोल वसूल रहा है। इस संबंध में भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर इन खबरों को बेबुनियाद बताया है। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि इस तरह के दावे कुछ व्यक्तियों के निजी विचार हैं और ईरान की आधिकारिक नीति या निर्णय का प्रतिनिधित्व नहीं करते। दूतावास ने स्पष्ट किया कि ईरान ने कभी भी होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर इस तरह का कोई शुल्क लागू नहीं किया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद नहीं है और इसमें नौवहन जारी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद वह समुद्री यातायात की स्वतंत्रता और सुरक्षा का सम्मान करता है। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। इस बीच, होर्मुज से होकर गुजर रहे कुछ जहाजों को विशेष अनुमति के साथ आवाजाही की अनुमति दी जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दो भारतीय जहाज—जग वसंत और पाइन गैस—भी इस मार्ग से होकर सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं। ये जहाज एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) ले जा रहे हैं, जो भारत में घरेलू ईंधन के रूप में महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। ऐसे में इस क्षेत्र की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। हिदायत/ईएमएस 23मार्च26