राष्ट्रीय
23-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच को “अनिच्छुक” बताते हुए नाराजगी जाहिर की और दोनों एजेंसियों को आपस में समन्वय बनाकर समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करने का निर्देश दिया। सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि अदालत यह तय नहीं कर सकती कि किसे गिरफ्तार किया जाए, लेकिन जांच एजेंसियों की ओर से दिखाई जा रही ढिलाई स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि जांच ऐसी होनी चाहिए जो न सिर्फ अदालत बल्कि आम जनता में भी भरोसा पैदा करे। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जांच एजेंसियों को आपस में “जॉइन हैंड्स” करना होगा। साथ ही पीठ ने कहा कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और बिना किसी पूर्वाग्रह के होनी चाहिए। अदालत ने सभी संबंधित वित्तीय संस्थानों को ईडी के साथ पूरा सहयोग करने का भी निर्देश दिया और असहयोग की स्थिति में एजेंसी को कोर्ट को सूचित करने की छूट दी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि ईडी अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम गठित की गई है और अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बिना आधार के गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब तक करीब 15,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सुबोध/२३-०३-२०२६