राष्ट्रीय
23-Mar-2026


:: नर्मदापुरम न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को माना आधार; भारत-चीन सीमा से हुई थी गिरफ्तारी :: नर्मदापुरम/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में की जा रही कड़ी कार्रवाई के तहत मध्यप्रदेश को एक बड़ी कानूनी सफलता मिली है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाघों की तस्करी में लिप्त महिला आरोपी यांगचेन लाचुंगपा की दूसरी जमानत याचिका को प्रथम अपर सेशन न्यायालय नर्मदापुरम ने निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) भोपाल द्वारा प्रस्तुत विवेचना और अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए माना कि आरोपी का वन्यप्राणियों की तस्करी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से संबंध होना अत्यंत गंभीर और संवेदनशील प्रकृति का मामला है। यांगचेन लाचुंगपा को कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद 2 दिसंबर 2025 को भारत-चीन सीमा के पास सिक्किम के मंगन जिले से गिरफ्तार किया गया था। यह मामला जुलाई 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम में बाघ और पेंगोलिन के अवैध शिकार से शुरू हुआ था। जांच में पाया गया कि यह गिरोह बाघ की हड्डियों और पेंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में तस्करी करता था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वन मुख्यालय ने इसकी विवेचना एसटीएसएफ को सौंपी थी। एसटीएसएफ ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें अब तक कुल 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यांगचेन लाचुंगपा इस नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है, जिसका प्रभाव भारत, भूटान और चीन तक फैला हुआ है। इसके विरुद्ध भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस भी जारी किया गया है। आरोपी यांगचेन मूल रूप से चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत की निवासी है और भारत में मुख्य रूप से दिल्ली व सिक्किम में सक्रिय रही है। उसे पूर्व में सितंबर 2017 में भी पकड़ा गया था, लेकिन ट्रांजिट रिमांड के दौरान मिली अंतरिम जमानत का फायदा उठाकर वह फरार हो गई थी। वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर ने भी उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। वर्तमान में न्यायालय ने उसके पिछले रिकॉर्ड और तस्करी की अंतर्राष्ट्रीय कड़ियों को देखते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया है। वन विभाग और एसटीएसएफ की यह कार्रवाई प्रदेश में वन्यजीव अपराधियों के विरुद्ध चल रहे शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) अभियान का हिस्सा है। प्रकाश/23 मार्च 2026