अंतर्राष्ट्रीय
24-Mar-2026


तेहरान,(ईएमएस)। मध्य पूर्व में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच अब कूटनीतिक दांव-पेंच तेज हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब युद्ध लड़ना नहीं चाहता और शांति समझौते के लिए एक शीर्ष नेता के माध्यम से अमेरिका के साथ सकारात्मक बातचीत कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, वाशिंगटन इस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में गंभीर है और इसी के चलते तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाया गया है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को शुरुआती तौर पर बाजार को प्रभावित करने वाली फेक न्यूज करार दिया था, लेकिन अब तेहरान ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है कि वह युद्ध खत्म करने को तैयार है, बशर्ते उसकी कुछ कड़ी शर्तें मान ली जाएं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि युद्ध की समाप्ति तभी संभव है जब अमेरिका इस संघर्ष से हुए भारी नुकसान की पूरी भरपाई करे। ईरान न केवल मुआवजे की मांग कर रहा है, बल्कि वह अपने ऊपर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने और भविष्य में किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप या हमले के विरुद्ध ठोस लिखित गारंटी चाहता है। ईरानी नेतृत्व का तर्क है कि यह युद्ध अमेरिका द्वारा थोपा गया था, इसलिए इसके परिणामों और नुकसान की जिम्मेदारी भी वाशिंगटन को ही लेनी होगी। इसके अलावा, क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य अड्डों की वापसी की मांग भी कूटनीतिक मेज पर रखी गई है। दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने इस्लामाबाद में होने वाली संभावित गुप्त वार्ताओं पर सीधा जवाब देने से परहेज किया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेरेड कुशनर जैसे हाई-प्रोफाइल दूतों की मौजूदगी की अटकलों के बीच, प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इसे एक संवेदनशील कूटनीतिक चर्चा बताया है। ट्रंप प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि वे ईरान की मुआवजे जैसी शर्तों को स्वीकार करेंगे या नहीं, क्योंकि इसे घरेलू राजनीति में अमेरिका की कमजोरी के रूप में देखा जा सकता है। फिलहाल, लगभग 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल के बाजार में आने की संभावना से वैश्विक तेल कीमतों में थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन वास्तविक शांति तभी होगी जब दोनों पक्ष मुआवजे और सुरक्षा गारंटी के जटिल मुद्दों पर एक राय बना पाएंगे। वीरेंद्र/ईएमएस/24मार्च2026 --------------------------------