अंतर्राष्ट्रीय
24-Mar-2026


डॉ सनम बोली- ट्रंप का युद्ध ब्रेक प्लान वैश्विक बाजारों को शांत करने के लिए महज एक विराम इस्लामाबाद,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पांच दिनों के लिए ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं करने की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी थिंक टैंक चैथम हाउस की विशेषज्ञ डॉ. सनम वकील ने युद्धविराम के पीछे की चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक बाजारों को शांत करने के लिए महज एक विराम है। उनका अनुमान है कि शुक्रवार को बाजार बंद होते ही ठीक उसी पल अमेरिका और इजराइल ईरान पर बमबारी फिर से शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान, दोनों के काफी ज्यादा सख्त शर्ते हैं तो फिर युद्धविराम को लेकर सहमति कैसे बनेगी? दूसरी तरफ तुर्की की एजेंसी ने बताया कि अमेरिका का एक डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंच रहा है और वह पाकिस्तान की सेना और सरकार से ईरान युद्ध पर कुछ अहम बात करेगा। हालांकि इस दौरे के दौरान ईरान के साथ किसी मध्यस्थता पर बातचीत हो सकती है लेकिन तुर्की की न्यूज एजेंसी ने ये भी बताया है कि ईरानी अधिकारियों को पाकिस्तान पर विश्वास नहीं है और वो बैठक में शामिल होने नहीं जा रहे हैं। पाकिस्तान का सैन्य शासन अब अमेरिकी इजराइली साजिश में खुले तौर पर और सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। वह अमेरिकी मरीन की थल सेना के इस क्षेत्र में पहुंचने तक के लिए समय खरीद रहा है ताकि वे नेतन्याहू और ट्रंप के लिए खर्ग द्वीप पर हमला करके उसे कब्जे में ले सकें। पाकिस्तानी डिफेंस एनालिस्ट अली मुस्तफा ने लिखा है कि मुझे पता है कि ईरानी इन चालों से वाकिफ हैं और वे इसे कभी नहीं भूलेंगे यानि पाकिस्तान सिर्फ समय खींचने का नाटक कर रहा है ताकि अमेरिकी सेना को इस क्षेत्र में पहुंचने का मौका मिल सके। ट्रंप के किसी प्लान को ना कहना पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के लिए संभव नहीं है। दरअसल, खार्ग द्वीप ईरान का सबसे अहम तेल टर्मिनल है और वहां से करीब 90फीसदी कच्चा तेल वहीं से निर्यात होता है। अमेरिका और इजराइल की योजना इस द्वीप पर कब्जा करने की है ताकि होर्मुज को खुलवाया जा सके, लेकिन दिक्कत यह है कि इस द्वीप पर सैनिकों को कैसे उतारा जाए। इस क्षेत्र में अगर अमेरिका अपने युद्धपोत ले जाता है तो ईरानी मिसाइल उसे डुबो देंगे। तो फिर इस काम को अंजाम कौन देगा तो वह है पाकिस्तान। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के फेवरेट फील्ड मार्शल असीम मुनीर कब काम आएंगे। अमेरिका के दूत इसी काम के लिए रावलपिंडी पहुंच रहे हैं। पाकिस्तान इसमें बिचौलिए का काम कर रहा है ताकि ईरान को बातों में उलझाया जा सके और पीछे से अमेरिकी मरीन हमला कर सकें यानि पाकिस्तान, ईरान की पीठ में खंजर घोंप रहा है। पाकिस्तान का ईरान के साथ 900 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है। अमेरिकी सेना मरीन के लिए पाकिस्तान की जमीन और वहां से मिलने वाली इंटेलिजेंस खार्ग द्वीप या तटीय इलाकों पर नजर रखने के लिए बहुत अहम हो सकती है। अमेरिकी नेवी के दो युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली और यूएसएस बॉक्सर करीब 4700 मरीन कमांडों को लेकर मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहे हैं और वो अगले 2-3 दिनों में उस क्षेत्र में पहुंचने वाले हैं और ट्रंप का 5 दिनों वाला ढोंग इसी बात को लेकर है। पाकिस्तान इसमें बैक चैनल काम कर सकता है। पाकिस्तान का इतिहास इस तरह की धोखेबाजी का रहा है यानि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाने का नाटक करेगा और अमेरिका को अपनी नौ सेना और यूएसएस त्रिपोली जैसे जंगी जहाजों को होर्मुज के करीब लाने का समय मिल जाएगा। सिराज/ईएमएस 24मार्च26 -------------------------------