राष्ट्रीय
24-Mar-2026


डॉक्टरों का एक बोर्ड शव पोस्टमॉर्टम कर रहा अमृतसर,(ईएमएस)। पंजाब के अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (डीएम) गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंकार कर दिया है। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही सख्त कदम उठा चुकी है और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है। सीएम मान ने बताया कि आरोपी पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा लेकर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए चीफ सेक्रेटरी स्तर की कमेटी गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगी। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार में “मंत्री और संतरी सभी के लिए कानून एक समान है” और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच, पुलिस ने भुल्लर को गुपचुप तरीके से अदालत में पेश किया। जानकारी के अनुसार, उन्हें सुबह-सुबह जज के सामने पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई को मीडिया से दूर रखा गया, जिससे किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। डीसीपी रविंदरपाल सिंह ने बताया कि कोर्ट ने रिमांड मंजूर कर लिया है, हालांकि रिमांड की अवधि अभी स्पष्ट नहीं की गई है। दूसरी ओर, रंधावा के शव का सुसाइड के चौथे दिन पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। यह प्रक्रिया सिविल अस्पताल में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में की जा रही है और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी हो रही है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। डॉक्टरों का एक बोर्ड पोस्टमॉर्टम कर रहा है। बताया जा रहा है कि रंधावा ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने इस कदम के लिए लालजीत सिंह भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया था। यही वीडियो इस केस का अहम सबूत माना जा रहा है और पुलिस इसी आधार पर आगे की जांच कर रही है। वहीं सीएम मान ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने अमित शाह, राजा वड़िंग और अमरिंदर सिंह जैसे नेताओं के संदर्भ में सवाल उठाया कि पहले इसतरह मामलों में सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई गई और किसने इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में लोगों ने नेताओं के नाम लेकर आत्महत्या की, लेकिन तब किसी तरह की सख्त कार्रवाई नहीं हुई। सीएम मान ने कहा कि उनकी सरकार किसी पर एहसान नहीं कर रही, बल्कि अपना कर्तव्य निभा रही है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की जान की कीमत है और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके लिए पूरा पंजाब एक परिवार की तरह है और सभी के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। कुल मिलाकर, यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील बन गया है, जिसकी जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आशीष दुबे / 24 मार्च 2026