राष्ट्रीय
24-Mar-2026


मथुरा (ईएमएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत में घुसपैठ को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से संदिग्ध अवैध प्रवासियों की जानकारी अधिकारियों को देने और यह सुनिश्चित करने का आहवान करते हुए कहा है कि ऐसे लोगों को देश में रोजगार न मिले। यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन के रुक्मिणी विहार स्थित नव-निर्मित ‘जीवनदीप आश्रम’ का लोकार्पण करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने अमेरिका और चीन जैसे देशों की ‘आक्रामक’ प्रवृत्ति की निंदा की और भारत को अन्य दृष्टिकोणों के प्रति अधिक उदार बताया। संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि अस्तित्व बचाने के लिए तीन बच्चे जरूरी हैं और घर वापसी करने वालों का स्वागत हो। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि यदि ऐसे उपाय लागू किए जाएं तो पांच से दस वर्षों में स्थिति में सुधार संभव है और घटती जन्म दर स्थिर हो सकती है। संघ प्रमुख ने तीन संतान नीति पर जोर देते हुए कहा कि उच्च जन्म दर आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर परिवार के स्वास्थ्य के लिए तीन बच्चों की सलाह देते हैं, क्योंकि बचपन में होने वाले मेलजोल से बच्चों में सामाजिक कौशल और समूह में सामंजस्य स्थापित करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने जनसंख्या संबंधी अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि तीन से कम प्रजनन दर दीर्घकालिक जोखिम पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि कम जन्म दर वाले कई देशों ने अपनी जनसंख्या वृद्धि दर तीन से ऊपर ले जाने के प्रयास किए हैं। परिवारों को दो बच्चों तक सीमित रहने के बजाय तीन बच्चों का लक्ष्य रखना चाहिए। हालांकि, कोई भी नीति बनाते समय जनहित सर्वाेपरि होना चाहिए। भागवत ने जबरन धर्मांतरण को रोकने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार कानून बना सकती है, लेकिन समाज को भी इसे रोकने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने दावा किया कि अनेक धर्मांतरित लोग मूल रूप से हिंदू रहे हैं और यदि वे वापस आना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत के प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य और सनातन परंपरा आज की ‘अशांत दुनिया’ में भी प्रासंगिक हैं और आश्रम इन मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अनेक संत-महात्मा भी उपस्थित थे। जितेन्द्र 24 मार्च 2026