क्षेत्रीय
25-Mar-2026
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श्योपुर ( ईएमएस ) | कृषि प्रधान श्योपुर जिले के किसान नये-नये आईडियाज से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढा रहे है तथा अपने परिवार के लिए अच्छी खासी आमदनी अर्जित कर रहे है, ऐसे ही एक किसान है, इन्द्र कुमार सुमन जो अपने खेत में गन्ने का उत्पादन कर लोगों को ताजा गन्ने का रस पिलाकर लगभग 4 हजार रूपये रोज की आमदनी प्राप्त सरकार के लोकल फॉर वोकल के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहे है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा क्षेत्र भ्रमण के दौरान जब पाण्डोला से होकर निकल रहे थे, तभी उनकी नजर पाण्डोला मोड पर सडक किनारे लगी चरखी पर पडी, जहां बडी संख्या में राहगीर भी गन्ने का जूस पीने के लिए रूके थे। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा भी चरखी देखकर वहां रूके और ताजा गन्ने का जूस पिया और चरखी संचालक किसान श्री इन्द्र कुमार सुमन से आत्मीय चर्चा कर उनके इस व्यवसाय के बारे में जानकारी प्राप्त की। किसान श्री इन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि यहां सडक के किनारे दो-ढाई बीघा भूमि है, जिसमें मकान भी बना है और पूरा परिवार यही रहता है, कम जमीन में अन्य फसलों का उत्पादन भी उतना नही होता जिससे परिवार का गुजर बसर हो सकें। इसी के चलते उसके दिमाग में यह आइडिया आया कि अपने खेत में गन्ने की फसल लगाई जाये और घर के बाहर सडक किनारे रस निकालने की चरखी लगाकर व्यवसाय शुरू किया जायें, हालाकि आसपास कोई मार्केट या घनी बस्ती नही होने से उम्मीद नही थी कि इस काम को इतना रिस्पॉन्स मिलेगा, लेकिन लगभग 10 साल पहले शुरू किये गये इस व्यवसाय को इतना रिस्पॉन्स मिला कि लोग दूर-दूर से ताजा गन्ने का रस पीने के लिए यहां आने लगे। श्योपुर-कुंहाजापुर हाईवे पर होने से 4 पहिया और दो पहिया वाहन से यात्रा करने वाले यात्री भी पेड के छॉव और शुद्ध एवं ताजा गन्ने की रस की शीतलता के एहसास से यहां रूकने लगे, वह अपने भाई और अन्य परिजनों की मदद से यह काम लगन से कर रहे है और लोगों को शुद्धता के साथ ताजा गन्ने का रस पिला रहे है। वे बताते है कि गर्मियों के चार मास उन्हें इस व्यवसाय से अच्छी आमदनी हो रही है। लगभग 4 हजार रूपये प्रतिदिन की आमदनी हो जाती है। लोगों को शीतल गन्ने का रस पिलाकर उन्हें भी सुकून मिलता है। ग्राहको के सामने ही वे अपने खेत से गन्ना निकालते है और उसे साफ पानी से धोकर पूरी शुद्धता के साथ रस निकालकर पिलाते है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने चर्चा के दौरान ही गन्ने के रस का स्वाद लिया और किसान को पशुपालन व्यवसाय से जुडने हेतु पशुपालन विभाग अंतर्गत योजना का लाभ प्रदान करने के निर्देश पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दूरभाष पर दिये गये।