भोपाल,(ईएमएस)। मध्यप्रदेश में गेहूं की कटाई के साथ ही नरवाई जलाने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। प्रशासन ने इस बार सख्ती दिखाते हुए सैटेलाइट इमेज के जरिए निगरानी शुरू की है, जिसके चलते 15 से 24 मार्च के बीच प्रदेशभर में नरवाई जलाने के 999 मामले दर्ज किए गए हैं। भोपाल, नर्मदापुरम और मालवा क्षेत्र के कई जिलों में ये घटनाएं अधिक सामने आई हैं। खासकर सीहोर जिले में स्थिति गंभीर रही, जहां 24 घंटे के भीतर 86 स्थानों पर नरवाई जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। इसके अलावा रायसेन, खंडवा, हरदा और बैतूल जैसे जिलों में भी लगातार मामले सामने आ रहे हैं। पिछले साल 43,600 मामले दर्ज हुए थे प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल नरवाई जलाने के कुल 43,600 मामले सामने आए थे, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। इसी को देखते हुए इस वर्ष निगरानी और कार्रवाई को और अधिक सख्त किया गया है। किसान फसल कटाई के बाद खेत जल्दी खाली करने के लिए नरवाई जलाते हैं, ताकि अगली फसल की तैयारी की जा सके। हालांकि, इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होता है और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें, अन्यथा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नंदिनी परसाई/26 मार्च 2026