क्षेत्रीय
26-Mar-2026
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- दिल्ली पुलिस और ईडी अफसर बताते हुए धमकाया - मोबाइल नंबर के जरिये मनीलाउंड्रिग का कहकर डराया-धमकाया - 5 मोबाइल नंबर और एसबीआई व यस बैंक खातों की डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी भोपाल(ईएमएस)। शहर के बाग मुगालिया इलाके में रहने वाले 85 वर्षीय एमईएस से रिटायर्ड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को सायबर जालसाजो ने डिजिटल अरेस्ट कर 36 लाख रुपए की ठगी कर ली। मामले की शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार फरियादी ने बीती 21 नवंबर 2025 को क्राइम ब्रांच में डिजिटल अरेस्ट कर 36 लाख रुपए की ठगी की शिकायत करते हुए बताया था की 13 नवंबर को वह अपने घर पर ही थे। उसी समय उनके पास अनजान नंबर से एक फोन आया। दूसरी और से बातचीत करने वाले व्यक्ति ने खुद को भारतीय दूरसंचार विभाग का अधिकारी राहुल शर्मा बताया और उसने एक मोबाइल नंबर बताते हुए कहा कि आपके नाम से रजिस्टर्ड इस नंबर का अवैध उपयोग किया जा रहा है। बुजुर्ग ने जब कहा की बताया गया मोबाइल नंबर मेरा नहीं है। इस पर जालसाज ने कहा कि यह आपके नाम पर ही रजिस्टर्ड है, इसलिये इसे आप ही डिएक्टिवेट कराये नहीं तो दूसरा मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा। वह उसके झांसे में आ गये इसके बाद शातिर ने वॉट्सएप कॉल पर उन्हें दूसरे नंबर से जोड़ा। उस समय बात करने वाले ठग ने खुद का दरियागंज पुलिस स्टेशन, दिल्ली से विजय खत्री बताते हुए कहा की आपके मोबाइल नंबर का उपयोग मनी लाउंड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में किया जा रहा है। - बैंक स्टेटमेंट चेक कर कोर्ट में पेश करने की कही बात खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले ने फरियादी से आगे कहा की आपके बैंक स्टेटमेंट चेक किए जा रहे हैं, जिन्हें कोर्ट में पेश किया जायेगा। इसके बाद अगले दिन यानि 14 नवंबर को उनके पास फिर वॉट्सएप पर कॉल आया। इस बार आरोपी खुद को ईडी की अधिकारी निशा पटेल बताते हुए बोला कि सुप्रीम कोर्ट ने आपके बैंक अकाउंट एवं एफडी की जांच करने के लिए कहा है, जिसकी हम जांच कर रहे हैं। जब तक जॉच जारी है, वह हमारी बातचीत के बारे में किसी हो न बतायें, और आपको घर पर ही रहना हैं, हमें बिना बताए घर से कहीं नहीं जाएंगे। - डिजिटल अरेस्ट कर रखा, एसबीआई, यस बैंक खातों में ट्रांसफर कराये 36 लाख इसके बाद ठगो ने उन्हें डरा-धमकाकर 13 से 19 नवंबर 2025 तक डिजिटल अरेस्ट रखा। और जॉच के नाम पर उनसे एसबीआई, यस बैंक के अलग-अलग खातों में 36 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। डिजीटल अरेस्ट के बीच रिटायर्ड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर ने रकम ट्रांसफर के संबंध में जब ठगो से कहा की कोई भी पुलिस इस तरह से कार्य नहीं करती है। तब ठगों ने ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने पर रकम वापस मिल जाएगी। साथ ही धमकी दी कि यदि आप नहीं मानेगें तो आपके घर पुलिस भेजकर आपको गिरफ्तार कर घर सीज करा देगें। इस पर डरे सहमे बुजुर्ग ने कहा कि आप रहने दीजिए जांच पूरी होने के बाद ही रुपए वापस कर दीजिए। - भाजें ने बात करते समय डरा हुआ देखा, तब हुआ खुलासा इस बीच ठगोरो ने उन्हें कमरे में बंद रहने को मजबूर किया। इस बीच 19 नवंबर को वृद्व के भांजे ने उन्हें कमरे में डरे-सहमे मोबाइल पर बातचीत करते हुए देख लिया। जब उसने उनसे पूछा तब उन्होंने डिजिटल अरेस्ट कर 36 लाख रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की जानकारी दी। इसके बाद भांजे ने उन्हें बताया कि यह सायबर ठगी है। बाद में उन्होनें पुलिस में शिकायत की, जहॉ जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने ज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पांच मोबाइल नंबर और एसबीआई व यस बैंक खातों की डिटेल से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। जुनेद / 26 मार्च