राज्य
26-Mar-2026


* बनासकांठा में दो-दो क्रिकेट एसोसिएशन से खिलाड़ियों में भ्रम, चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल अहमदाबाद (ईएमएस)| राजीव गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता डॉ. पार्थिवराजसिंह कठवाडिया ने सवाल उठाया कि जो लोग “वन नेशन, वन इलेक्शन” की बात करते हैं, वे “वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्रिकेट एसोसिएशन” लागू करने में क्यों असफल हैं? उन्होंने कहा कि बनासकांठा जिले में दो क्रिकेट एसोसिएशन सक्रिय हैं, जिससे क्रिकेटरों के सामने यह दुविधा खड़ी हो गई है कि गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा मान्यता प्राप्त जिला एसोसिएशन आखिर कौन सा है। बनासकांठा क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 24 मार्च को पालनपुर स्थित किंग जॉर्ज V क्लब में अंडर-23 टीम का चयन आयोजित किया गया था, जिसमें गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के चयनकर्ता मौजूद थे। वहीं, डीसा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता शशिकांत पंड्या द्वारा स्थापित एसोसिएशन 27 मार्च को डीसा के स्पोर्ट्स क्लब में अंडर-23 टीम का चयन आयोजित करने जा रहा है, जिसके लिए भी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के चयनकर्ताओं के आने की घोषणा की गई है। पिछले दो महीनों से बनासकांठा क्रिकेट एसोसिएशन विवादों में है। फरवरी में 68 सदस्यों ने अध्यक्ष शशिकांत पंड्या के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जो दो-तिहाई बहुमत से पारित हुआ। इस आधार पर उन्हें अध्यक्ष नहीं माना जाना चाहिए, ऐसी स्थिति सामने आई है। आरोप है कि शशिकांत पंड्या ने वर्ष 2025 में “बनासकांठा क्रिकेट एसोसिएशन” नाम से एक ट्रस्ट बनाकर उसमें अपने भाई और समर्थकों को सदस्य बनाया, जिसके विरोध में दशकों पुरानी और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त “द बनासकांठा डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन” में उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। प्रवक्ता ने यह भी सवाल किया कि क्या गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन कभी निजी संस्थाओं द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया में अपने चयनकर्ता भेजता है? रणजी ट्रॉफी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खेलने की इच्छा रखने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सामने यह बड़ा सवाल है कि वे किस चयन प्रक्रिया में भाग लें—डीसा या पालनपुर? उन्होंने मांग की कि गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन स्पष्ट करे कि वास्तविक बनासकांठा क्रिकेट एसोसिएशन कौन सा है—वह जो 2025 में पंजीकृत हुआ या वह जो दशकों से अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 चयन करता आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन, जिससे जुड़े लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं, उसे इस विवाद पर तुरंत स्पष्टीकरण देना चाहिए। क्रिकेट एसोसिएशन की आंतरिक राजनीति के कारण राज्य के उभरते खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि शशिकांत पंड्या भले ही पूर्व विधायक रहे हों, लेकिन क्या वे स्वयं अच्छे क्रिकेटर रहे हैं? खेल का अनुभव न रखने वाले राजनीतिक लोगों द्वारा खेल में हस्तक्षेप करने से खिलाड़ियों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। सतीश/26 मार्च